Bihar MLC Election: बिहार में 8 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए हो रहे चुनाव ने महागठबंधन और एनडीए दोनों ही गठबंधनों के भीतर हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा के ही बागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। पार्टी को अपने ही नेताओं से विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें कुछ जगहों पर दोस्ताना संघर्ष तो कहीं सीधा टकराव दिख रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) को विशेष रूप से दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अंदरूनी संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दरभंगा शिक्षक क्षेत्र में जदयू उम्मीदवार के लिए भी परोक्ष रूप से खतरा मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निर्णायक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
सीएम सम्राट चौधरी का सख्त निर्देश: 4 बजे तक वापस हो नामांकन
राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 एमएलसी सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर किसी भी तरह की पार्टी या गठबंधन विरोधी गतिविधि को रोकने के लिए अहम कदम उठाया है। उन्होंने इस संबंध में एनडीए के सभी सांसदों और विधायकों को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया था। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सभी 8 एमएलसी सीटों के लिए स्पष्ट संदेश जारी किए गए।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पता चला कि दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार सर्वेश सिंह को चुनाव में हराने के लिए भाजपा के ही एक नेता ने न केवल चुनाव लड़ने की घोषणा की है, बल्कि नामांकन भी दाखिल कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा के बागी उम्मीदवार को सीधे चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा है कि बागी उम्मीदवार 4 बजे तक अपना नामांकन वापस ले लें, अन्यथा पार्टी की ओर से आज ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा में भाजपा के लिए ‘विभीषण’ बने आदित्य झा
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए ने एक बार फिर भाजपा के सर्वेश कुमार पर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। सर्वेश सिंह भूमिहार समुदाय से आते हैं और बेगूसराय जिले में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें पार्टी के भीतर से ही ‘भीतरघात’ का खतरा मंडरा रहा है।
एक पुराने भाजपा नेता आदित्य झा ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिल्ली भाजपा की राजनीति से जुड़े आदित्य झा काफी धनवान माने जाते हैं और उन्होंने लंबे समय से स्नातक वोटरों को अपने पक्ष में तैयार किया है। कहा जा रहा है कि अब वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के रडार पर आ गए हैं।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी पुराने भाजपाई से चुनौती
दरभंगा सिर्फ स्नातक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी अंदरूनी चुनौती का सामना कर रहा है। यहां जदयू उम्मीदवार घनश्याम राय को जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश राय से कड़ी टक्कर मिल रही है। सुरेश राय भी पुराने भाजपाई रहे हैं और उनका भाजपा से गहरा संबंध है। यह स्थिति भी गठबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जिससे पार्टी को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।







