Darbhanga Bail Rejected: गंभीर अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों को दरभंगा की अदालतों से कोई राहत नहीं मिली है। जिले की विभिन्न अदालतों ने हत्या, जानलेवा हमला, अपहरण और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन मामलों में आरोपित 18 अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इन फैसलों के बाद अपराधियों के लिए न्याय से बचना मुश्किल होगा।
दरभंगा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: हत्या और लूट के 18 आरोपियों को नहीं मिली जमानत, जेल में ही रहेंगे!
Darbhanga Court: बिहार के दरभंगा में आपराधिक मामलों पर अदालतों का सख्त रुख बरकरार है। जिले की विभिन्न अदालतों ने हत्या, जानलेवा हमला और अवैध हथियार रखने समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित 18 व्यक्तियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस बात की पुष्टि की, बताया कि इन आरोपियों को निचली अदालतों से कोई राहत नहीं मिली है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने जानलेवा हमला और दुकान में घुसकर लूटपाट करने के एक मामले में छह आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। बहादुरपुर थानाकांड संख्या 56/26 के इन अभियुक्तों में अनिश यादव, निलेश यादव, पप्पू यादव, अमलेश यादव, कृष्णा गौतम और राजन कुमार शामिल हैं। इन सभी को कोर्ट से निराशा हाथ लगी है।
गंभीर मामलों में अग्रिम जमानत भी खारिज
इसी क्रम में, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) नीरज कुमार की कोर्ट ने एक नाबालिग बच्ची के अपहरण के आरोप में दर्ज भालपट्टी थानाकांड संख्या 89/26 के अभियुक्त राजू पासवान की अग्रिम जमानत याचिका को भी नामंजूर कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद संबंधित आरोपित राहत के लिए पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने भी हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में सख्त फैसला सुनाया। वाजितपुर थाना कांड संख्या 39/26 में गोली मारकर हत्या के आरोपित जतूका निवासी विद्यानंद पासवान की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।
हत्या और आर्म्स एक्ट के आरोपियों को राहत नहीं
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ही आर्म्स एक्ट से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में जेल में बंद दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं नामंजूर कीं। कमतौल थाना कांड संख्या 242/26 में आरोपित जलवारा निवासी मो. गुलाब और मधुबनी जिले के यूनियन टोला, जयगर निवासी राजा कुमार साह को जमानत नहीं मिली। इसके अलावा, पतोर थाना कांड संख्या 98/26 में एक वृद्ध की गला दबाकर हत्या के आरोपित कोकट गांव निवासी रामलोचन भगत की अग्रिम जमानत अर्जी भी इसी अदालत ने खारिज कर दी।
इधर, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह की अदालत ने भी गंभीर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाया। लहेरियासराय थाना कांड संख्या 325/26 में जानलेवा हमले के आरोपित मो. आरजू उर्फ अब्दुल कलाम और मो. शमशेर उर्फ मो. शमशेर अली की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसी अदालत ने मब्बी थाना कांड संख्या 121/26 में विवाहिता की हत्या के आरोपित अमरदीप कुमार, धर्मदेव मांझी, कुमारी रुचि और गंगा देवी की अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर की। कोतवाली थाना कांड संख्या 108/26 में अवैध हथियार रखने के आरोपित शिवकुमार दास की अग्रिम जमानत याचिका भी इसी अदालत ने खारिज कर दी। इन सभी आरोपियों को अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की कोर्ट ने बहादुरपुर थानाकांड संख्या 56/26 के छह अभियुक्तों की अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। इन सभी पर जानलेवा हमला कर दुकान में घुसकर लूटपाट करने का आरोप है। जिन अभियुक्तों की याचिका खारिज हुई है, उनमें अनिश यादव, निलेश यादव, पप्पू यादव, अमलेश यादव, कृष्णा गौतम और राजन कुमार शामिल हैं।
नाबालिग अपहरण से लेकर आर्म्स एक्ट तक, किसी को नहीं मिली राहत
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने नाबालिग बच्ची के अपहरण से जुड़े भालपट्टी थानाकांड संख्या 89/26 के अभियुक्त राजू पासवान की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी। इसी कड़ी में, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने वाजितपुर थाना कांड संख्या 39/26 के आरोपित विद्यानंद पासवान की नियमित जमानत अर्जी नामंजूर की। विद्यानंद पासवान पर गोली मारकर हत्या का गंभीर आरोप है और वह जतूका का निवासी है।
इसी अदालत ने आर्म्स एक्ट से जुड़े दो अन्य मामलों में भी सख्त रुख अपनाया। कमतौल थाना कांड संख्या 242/26 में जेल में बंद जलवारा निवासी मो. गुलाब और मधुबनी जिले के यूनियन टोला, जयगर निवासी राजा कुमार साह की नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई। इसके अलावा, पतोर थाना कांड संख्या 98/26 में एक वृद्ध की गला दबाकर हत्या के आरोपित कोकट गांव निवासी रामलोचन भगत की अग्रिम जमानत अर्जी भी अदालत ने नामंजूर कर दी।
जानलेवा हमला और विवाहिता की हत्या के आरोपी भी जेल में
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह की अदालत ने भी कई गंभीर मामलों में आरोपितों को जमानत देने से इनकार कर दिया। लहेरियासराय थाना कांड संख्या 325/26 में जानलेवा हमले के आरोपित मो. आरजू उर्फ अब्दुल कलाम और मो. शमशेर उर्फ मो. शमशेर अली की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई। मब्बी थाना कांड संख्या 121/26 में एक विवाहिता की हत्या के आरोपित अमरदीप कुमार, धर्मदेव मांझी, कुमारी रुचि और गंगा देवी की अग्रिम जमानत अर्जी भी अदालत ने नामंजूर कर दी।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘विभिन्न अदालतों ने हत्या, जानलेवा हमला और अवैध हथियार रखने समेत गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपितों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।’
कोतवाली थाना कांड संख्या 108/26 में अवैध हथियार रखने के आरोपित शिवकुमार दास की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो गई। इन सभी फैसलों के बाद अब आरोपितों के पास राहत के लिए पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का विकल्प बचा है।






