Bihar IPS RPF DG: केंद्र सरकार ने बिहार के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जितेंद्र कुमार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का महानिदेशक नियुक्त किया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मुहर लगा दी है। भारत सरकार के डीओपीटी मंत्रालय ने इस संबंध में 14 अक्टूबर 2026 को पत्र भी जारी कर दिया है, जिसमें उनकी पदस्थापना का जिक्र है। जितेंद्र कुमार 31 अक्टूबर को सेवानिवृत हो रहीं सोनाली मिश्रा के बाद RPF महानिदेशक का चार्ज लेंगे, जिनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 के अंत में पूरा हो रहा है।
जितेंद्र कुमार बिहार कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी 31 मार्च 2030 को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए सौंपी गई है। रेलवे सुरक्षा बल जैसे महत्वपूर्ण संगठन के शीर्ष पद पर इतने लंबे समय के लिए किसी अधिकारी की नियुक्ति को केंद्र सरकार के एक बड़े और दूरदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार के जांबाज IPS का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले और बी.टेक की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले जितेंद्र कुमार को बिहार पुलिस सेवा में एक बेहद ईमानदार, कड़क और कुशल रणनीतिकार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में वह बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के महानिदेशक (DG) और केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। इससे पहले, उन्होंने बिहार पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG, CID) और कई जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के तौर पर उत्कृष्ट कार्य किया है। देश सेवा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें 2016 में ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ और 2009 में ‘सराहनीय सेवा पदक’ से भी नवाजा जा चुका है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और बड़ी चुनौतियाँ
पिछले वर्ष जुलाई 2025 में ही केंद्र सरकार ने जितेंद्र कुमार को महानिदेशक (DG) या उसके समकक्ष रैंक पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पैनल में शामिल (Empanel) किया था। हाल ही में उनके नाम की चर्चा ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के महानिदेशक पद के लिए भी चल रही थी। हालांकि, देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सुरक्षा बलों में से एक RPF की कमान सौंपकर केंद्र ने उनकी सुरक्षा विशेषज्ञता पर गहरा भरोसा जताया है।
RPF के महानिदेशक के तौर पर जितेंद्र कुमार के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ होंगी। इनमें भारतीय रेल की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, करोड़ों यात्रियों, खासकर महिला और बच्चों को सुरक्षित सफर मुहैया कराना, और रेल परिसरों में बढ़ रहे साइबर व संगठित अपराधों पर नकेल कसना शामिल है। रेलवे प्रशासन और देश के सुरक्षा गलियारों में उनकी इस नियुक्ति का व्यापक स्वागत किया गया है, उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।







