Bihar Building Projects: बिहार में भवन निर्माण विभाग की करीब 1500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 163 सरकारी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट गायब है। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (PMIS) पोर्टल पर ये महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट नहीं की गई, जिसके बाद अब लापरवाह अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। विभाग ने इस बड़ी लापरवाही पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।
विभाग ने 15 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 के बीच की समीक्षा की, जिसमें यह गंभीर अनियमितता सामने आई। मुख्य अभियंता उत्तर के तहत आने वाली 107 योजनाएं और मुख्य अभियंता दक्षिण के तहत आने वाली 56 योजनाएं PMIS पोर्टल पर अपडेट नहीं मिलीं। इन योजनाओं का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज न होना एक गंभीर चूक मानी जा रही है।
कुल 582 योजनाओं में से केवल 419 की जानकारी ही पोर्टल पर दर्ज की गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि मुख्य अभियंता उत्तर के अधीन कुल 319 योजनाओं में से 212 ही अपडेट हुईं, जबकि मुख्य अभियंता दक्षिण के अधीन 179 में से 123 योजनाओं की जानकारी दर्ज की गई। हालांकि, मुख्य अभियंता पटना के अधीन सभी 84 योजनाएं अपडेट पाई गईं, जो एक सकारात्मक पहलू रहा।
कई जिलों में भी बड़ी लापरवाही
इस लापरवाही की चपेट में कई भवन प्रमंडल भी आए हैं, जहां योजनाओं की प्रगति की जानकारी दर्ज नहीं की गई। इनमें बेगूसराय की 13, छपरा की 12, दरभंगा की 10, गोपालगंज की 6, हाजीपुर की 10, किशनगंज की 6, मधेपुरा की 17, सीवान की 19 और सुपौल की 10 योजनाएं शामिल हैं। इसी तरह, औरंगाबाद भवन प्रमंडल की 14, भागलपुर की 9, बक्सर की 8, गया की 9 और सासाराम की 11 योजनाओं का ब्योरा भी पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया था। विभाग ने इन सभी प्रमंडलों में योजनाओं की जानकारी अपडेट न किए जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।
अब इंजीनियरों पर गिरेगी गाज, शोकॉज नोटिस जारी
निदेशक अनुश्रवण के स्तर से संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इन जवाबों के बाद उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के संबंध में आदेश प्राप्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। यह कदम विभाग में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (PMIS) एक ऑनलाइन पोर्टल है, जो सरकारी भवनों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की निगरानी करता है। इस पर नियमित रूप से योजनाओं की जानकारी अपडेट करना अनिवार्य है, ताकि विभाग निर्माण कार्यों की स्थिति और समय पर समीक्षा कर सके।
राज्य सरकार सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग और बिहार में परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई कर जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।







