Bihar IAS News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रधान सचिव के पद पर जल्द ही एक अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति हो सकती है। इस अहम जिम्मेदारी के लिए 1997 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह के नाम की चर्चा जोरों पर है। उनकी बिहार वापसी के लिए अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन केंद्र सरकार ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 22 अक्टूबर 2026 को ओडिशा सरकार से संजय कुमार सिंह की सतर्कता (विजिलेंस) रिपोर्ट मांगी है। मूल रूप से बिहार के निवासी संजय कुमार सिंह को राज्य के प्रशासनिक ढांचे का गहरा अनुभव है।

संजय कुमार सिंह का बिहार में पुराना अनुभव
संजय कुमार सिंह पहले भी फरवरी 2008 से फरवरी 2015 तक अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर बिहार में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने पटना और गया जैसे महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके अतिरिक्त, वे गृह विभाग में अपर सचिव और सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव व सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्यरत रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में उनकी साफ-सुथरी छवि और कार्यशैली की हमेशा सराहना होती रही है।
ओडिशा में भी संभाले कई महत्वपूर्ण पद
ओडिशा सरकार में भी संजय कुमार सिंह ने अनेक अहम पदों पर काम किया है। वे भुवनेश्वर नगर निगम के आयुक्त, भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और ओडिशा औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम (IDCO) के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। कौशल विकास और ग्रामीण विकास विभाग में भी उन्होंने प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे ओडिशा के वर्क्स विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं।
विजिलेंस क्लीयरेंस के बाद अंतिम फैसला
संजय कुमार सिंह की विजिलेंस क्लीयरेंस और प्रतिनियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उनके नए पदस्थापन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस संभावित नियुक्ति से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय को एक अनुभवी और कुशल प्रशासक का साथ मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य के विकास कार्यों को नई गति मिल सकती है।

















