Sultanganj DSP: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में अब विधि व्यवस्था की कमान सीधे एक डीएसपी संभालेंगे। राज्य सरकार ने सुल्तानगंज सहित छह थाना क्षेत्रों के लिए एक नया डीएसपी पद सृजित किया है। इस फैसले से स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पहले सुल्तानगंज समेत इन छह थाना क्षेत्रों की कानून व्यवस्था जिला मुख्यालय के सदर डीएसपी के जिम्मे थी। अब राज्य सरकार ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र को जिला मुख्यालय के सदर डीएसपी से अलग कर दिया है। नए सृजित पद के तहत, सुल्तानगंज के डीएसपी अब सीधे इन सभी छह थाना क्षेत्रों की विधि व्यवस्था की निगरानी और प्रबंधन करेंगे।

क्यों पड़ी अलग DSP की जरूरत?
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव की पृष्ठभूमि में 28 अप्रैल को सुल्तानगंज में हुई एक गंभीर आपराधिक घटना है। उस दिन एक बड़ी वारदात में एक कार्यपालक पदाधिकारी और एक सभापति की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुल्तानगंज में एक डीएसपी स्तर के पुलिस अधिकारी के स्थायी पद की मांग की थी, ताकि विधि व्यवस्था की जिम्मेदारी एक समर्पित अधिकारी के पास हो।
सुल्तानगंज एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी है। यहां हर साल सावन माह में बड़े पैमाने पर एक महीने तक चलने वाले श्रावणी मेले का आयोजन होता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु जल भरकर बाबाधाम के लिए कांवर यात्रा करते हैं। ऐसे में, एक समर्पित Sultanganj DSP की तैनाती से मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में काफी सुधार आएगा।
क्षेत्र में बढ़ेगी सुरक्षा, अपराध पर लगेगी लगाम
इस नए पद के सृजन से भागलपुर जिले में कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। सुल्तानगंज और इसके आसपास के छह थाना क्षेत्रों में अब अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। यह कदम न केवल स्थानीय निवासियों को राहत देगा, बल्कि धार्मिक आयोजनों के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।

















