जेडीयू में ललन सिंह पर संजय झा का बड़ा बयान! 5 नवंबर को होगा बिहार की राजनीति का अगला दांव
Bihar JDU Politics: बिहार की सियासत में हलचल के बीच जेडीयू नेता संजय झा ने ललन सिंह के सम्मान को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने आगामी एमएलसी चुनाव समीक्षा और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर पार्टी के अहम फैसलों का भी खुलासा किया।
जेडीयू में ललन सिंह पर संजय झा का बड़ा बयान! 5 नवंबर को होगा बिहार की राजनीति का अगला दांव
Bihar JDU Politics: पटना में 30 अक्टूबर, शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए जेडीयू नेता बिहार की राजनीति से जुड़े कई अहम सवालों पर बेबाकी से बोले। उन्होंने ललन सिंह को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि पार्टी में उनका सम्मान हमेशा की तरह कायम है। संजय झा ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और आगामी चुनावी रणनीतियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
संजय झा ने स्पष्ट किया, ‘ललन सिंह जेडीयू के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत बनाने में उनका हमेशा सहयोग रहा है। हम सभी उनका सम्मान करते हैं।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी वरिष्ठ नेता के सम्मान में कमी आई है।
झा के इस बयान को जेडीयू के भीतर नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं को शांत करने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने ललन सिंह की भूमिका और उनके राजनीतिक महत्व को बरकरार रखने का संदेश दिया, हालांकि उन्होंने किसी आंतरिक विवाद पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
अनंत सिंह मामले पर विजय सिन्हा का बड़ा बयान आया है । कहा- यह न्यायालय का मामला है और हम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं. नीरज कुमार और ललन सिंह पर बोले- यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है. बिहार की जनता समझदार है, अब राज्य में बोली और गोली की राजनीति नहीं चलेगी.
एमएलसी चुनाव की समीक्षा और उत्तर प्रदेश में जेडीयू का दांव
हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर भी संजय झा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा के लिए 5 नवंबर को जेडीयू की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में एमएलसी चुनाव के दौरान हुई कमियों और अपेक्षित सफलता न मिलने के कारणों पर गहन विचार-विमर्श होगा।
जेडीयू ने विधान परिषद चुनाव में चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को केवल पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में ही जीत मिल सकी। समीक्षा बैठक में संगठन की तैयारी, चुनाव प्रचार की रणनीति और स्थानीय स्तर पर पार्टी की स्थिति जैसे सभी पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, जेडीयू की नजर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जमीन पर भी है। पार्टी वहां आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी संभावनाएं तलाश रही है। इसी क्रम में, 1 नवंबर को वाराणसी में जेडीयू का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संजय झा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का संगठन काफी मजबूत है और वे खुद भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम में जेडीयू नेता निशांत कुमार की मौजूदगी भी अहम मानी जा रही है, जो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के रुख पर अंतिम फैसला लेने में मदद करेगी।
पटना में बातचीत के दौरान संजय झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रस्तावित जन महाभियोग कार्यक्रम पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष के इस कदम को अनुचित बताया और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने को गलत ठहराया।
संजय झा ने कहा, ‘विधान परिषद के चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। इसके बावजूद कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच अपनी स्थिति मजबूत करनी चाहिए।’
उन्होंने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया के जरिए जीत हासिल नहीं कर सकते, इसलिए वे जनादेश के बिना सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। संजय झा ने यह भी आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के विभिन्न कदमों का उद्देश्य सरकार को अस्थिर करना है।