याद आता है 26 जनवरी 2021 का वो स्वर्णिम और ऐतिहासिक दिन। जब महराजाधिराज सर कामेश्वर सिंह के पौत्र और कुमार शुभेश्वर सिंह के छोटे बेटे कुमार कपिलेश्वर सिंह ने दरभंगा राज किला पर ध्वजारोहण किया था। आज यह परंपरा में शुमार पिछले छह सालों से दरभंगा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और तेजमयी देशभक्ति से संपूर्णता लिए चमक-दमक रहा है।
दरभंगा राज किला यानी दिल्ली के लालकिले से भी ऊंचा, दरभंगा का आन-बान और शान से लबालब इस किले की शान में लहराता विश्व विजयी तिरंगा, अनायास देश की क्षितिक पर दरभंगा लेकर फिर से दोबारा पहुंचा।






दरभंगा का ऐतिहासिक राज किला ब्रिटिश, मुगल और भारतीय स्थापत्य कला का सम्मिश्रण और बेजोड़ नमूना है। इस किले में फतेहपुर सीकरी के बुलंद दरवाजे की बनावट की झलक मिलती है। दरभंगा के आखिरी महाराजा सर कामेश्वर सिंह ने 1940 के दशक में इसका निर्माण कराया था। गुंबद समेत इस किले की ऊंचाई 84 फीट है 1962 में निधन के पहले आखिरी बार इस राज किले पर ध्वजारोहण किया गया था। तब से राज परिवार के किसी भी वारिस ने यहां ध्वजारोहण नहीं किया। मगर, इस मिथक को महराजाधिराज सर कामेश्वर सिंह के पौत्र, कुमार शुभेश्वर सिंह के छोटे बेटे कुमार कपिलेश्वर सिंह ने तोड़ा और फिर उसी परंपरा की जीवंत शुरूआत यहां हो गई। 
आज, यही वजह है कि फिर इतिहास उसी दहलीज पर है जहां दरभंगा लालकिले पर तिरंगा लहरा रहा है। इसबार भी यहां शान से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा लहरा रहा है। यह सिलसिला पिछले छह सालों से हर स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस पर परंपरा के रूप में अब शामिल है।
दिल्ली के बाद देश में यह दूसरा लाल किला है, जिसे दरभंगा राज ने बनवाया था। मिथिला के ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित और संवर्धित करने की प्रेरणा देता यह लालकिला हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस का गवाह बन रहा है।
महाराजा रामेश्वर सिंह के पौत्र और कुमार शुभेश्वर सिंह के छोटे बेटे कुमार कपिलेश्वर सिंह ने राज किला पर पिछले 26 जनवरी 2021 को ध्वजारोहण किया था। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोग वहां उपस्थित रहे। झंडोत्तोलन के बाद कुमार कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि 59 साल बाद उन्होंने राज किला पर ध्वजारोहण किया। अब यह सिलसिला अनवरत बढ़ गया है।
आइए…मनाते हैं दरभंगा के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस का यह अमृत महोत्सव
15 अगस्त 2022 यानी सोमवार का दिन। दिल्ली से भी ज्यादा ऊंचा दरभंगा महाराज के लालकिले पर राज दरभंगा के वकील मनोज कुमार श्रीवास्तव ने 9.30 बजे झंडोत्तोलन किया तो संपूर्ण दरभंगा आजादी के इस अमृत महोत्सव पर देशभक्ति की भावना से तृप्त हो उठा।
इस दौरान निखिल कुमार खेड़िया, पवन दत्त, अमरकांत झा, मनोज कुमार साह, एमएसयू अध्यक्ष अविनाश कुमार झा, प्रियांशु झा, अभिषेक कुमार झा, आदित्य कुमार मिश्रा, अर्जुन कुमार झा, अभिषेक कुमार झा, मनीष राज सिंह, संतोष चौधरी के अलावे संतोष कुमार झा समेत अन्य मौजूद थे।









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