Bihar Monsoon Session: आज यानी 20 जुलाई से बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। यह सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला मॉनसून सत्र है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी में भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। सत्ता पक्ष भी सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।
इस सत्र में राज्य के विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण कानूनों पर मुहर लग सकती है। कुल 13 जरूरी विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026, बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक 2026 जैसे अहम प्रस्ताव शामिल हैं। ये विधेयक योजनाएं, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे।






मॉनसून सत्र में इन मुद्दों पर घिर सकती है सम्राट चौधरी सरकार
सम्राट चौधरी सरकार को इस मॉनसून सत्र में कई गंभीर सवालों का सामना करना पड़ सकता है। विपक्ष विभिन्न मामलों पर सरकार से जवाब मांगेगा।

- **भरत तिवारी एनकाउंटर मामला:** विपक्ष इस मामले में सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। इस एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच जारी है, और यह एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
- **राबड़ी आवास विवाद:** भवन निर्माण विभाग द्वारा राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस के बाद लालू परिवार कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट हो गया था। यह मामला भी सदन में गरमाया रह सकता है।
- **लालू परिवार की सुरक्षा:** लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा पहले घटाने और फिर ‘जेड’ कैटेगरी की सुरक्षा बहाल करने का मामला भी विपक्ष उठाएगा। बंगला विवाद के दौरान ही सुरक्षा घटाई गई थी, जिसे बाद में लौटा दिया गया था।
- **रिशु श्री और टेंडर घोटाला:** रिशु श्री से जुड़ा मामला और सरकारी विभागों में टेंडर घोटाले के आरोप भी विपक्ष के निशाने पर रहेंगे। इन दोनों मामलों में भी जांच चल रही है।
- **भ्रष्टाचार और अपराध:** इसके अलावा, राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और अपराध के मामलों को लेकर भी विपक्ष सरकार के खिलाफ जोरदार हंगामा कर सकता है।
आगे क्या होगा?
यह मॉनसून सत्र सम्राट चौधरी सरकार के लिए चुनौतियों से भरा रहने वाला है। विपक्ष इन मुद्दों को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश करेगा, जबकि सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और विधेयकों के माध्यम से विकास का एजेंडा आगे बढ़ाना चाहेगा। अगले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद गहमा-गहमी भरे रहेंगे।









