Bhagalpur Flood News: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने भागलपुर में बाढ़ का संकट गहरा दिया है, जिसका सीधा असर अब शैक्षणिक संस्थानों पर भी दिखने लगा है। इसी कड़ी में, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे छात्रों और कॉलेज प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। परिसर में जलभराव के कारण छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
हॉस्टल में 10 फीट तक पानी, छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता
मिली जानकारी के अनुसार, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगभग दो फीट पानी जमा हो गया है। हालांकि, स्थिति छात्रावासों में और भी गंभीर है, जहां पानी का स्तर 7 से 10 फीट तक पहुंच गया है। इन गंभीर हालातों को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी छात्रावासों को खाली कराने का निर्णय लिया।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं अपना सामान लेकर घर लौट रहे हैं।
छात्रों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अप्रत्याशित बाढ़ के कारण छात्रों के सामने अपने सामान के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की स्थिति बनी, जिसे कॉलेज प्रशासन ने बखूबी संभाला।
बाढ़ के बीच भी जारी रहेगी पढ़ाई: कॉलेज प्रशासन का फैसला
हालांकि, बाढ़ के कारण नियमित कक्षाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। अब सभी छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। इससे बाढ़ की चुनौती के बावजूद शिक्षा का सिलसिला जारी रहेगा और छात्रों का अकादमिक नुकसान नहीं होगा।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण भागलपुर में बाढ़ का दायरा भी फैलता जा रहा है। इस स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत लेकर आया है, जिससे वे अपने घरों से भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।







