- Advertisement -
- DIG आवास के पास जीएनएम छात्रा ने की आत्महत्या
भागलपुर | बरारी थाना क्षेत्र के डीआईजी आवास के पास स्थित एक लॉज में जीएनएम की छात्रा ने पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रामाशीष मांझी की पुत्री कंचन कुमारी (22) के रूप में हुई है।
- Advertisement -
घटना का विवरण
कंचन कुमारी अपनी बहन साक्षी के साथ किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

बिहार-हरियाणा बस: अब नहीं भटकना पड़ेगा, सीधे पटना, पूर्णिया, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर पहुंचेंगे लाखों प्रवासी!
2 

Bhagalpur Protest Big News भागलपुर में NH-80 जाम: गुस्साए हजारों ग्रामीणों ने रोक दी सड़क, अनगिनत लोग फंसे, प्रशासन बेबस! जानें क्यों भड़की जनता, क्या है डिमांड!
3 

आपके बच्चे के स्कूल में अब पढ़ाई सुधरेगी! बिहार शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अधिकारी हर महीने गांव आएंगे
4 

बिहार के 97 लाख बुजुर्ग-दिव्यांगों की बल्ले-बल्ले! खाते में पहुंचे 1100 रुपये, CM सम्राट ने किया बड़ा ऐलान
5 

Jamui News: शादी से 3 दिन पहले लापता दूल्हे की जमुई में मिली लाश, परिवार का आरोप- पुलिस ने नहीं सुनी… हो गईं हत्या!
6 

बिहार के लाल ने चीन को घर में हराया! एशियन चैंपियनशिप में दिलाया भारत को गोल्ड |सेतु मिश्रा का बजा डंका
- घटना के समय साक्षी नहाने के लिए गई हुई थी।
- लौटने पर उसने कंचन को फंदे से लटकता पाया।
- साक्षी ने तुरंत मकान मालिक और अन्य लोगों को सूचित किया।
चिकित्सा और पुलिस की कार्रवाई
- कंचन को तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पृष्ठभूमि और संदेह
मृतका पुलिस बल में तैनात कांस्टेबल की बहन थी और भागलपुर के धोरैया थाना क्षेत्र की निवासी थी।
- Advertisement -
- आत्महत्या के कारणों को लेकर परिजन कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
- कंचन ने आत्महत्या क्यों की, इसका स्पष्ट कारण अज्ञात है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कारण या अन्य दबाव थे।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्य जुटाकर सच्चाई का पता लगाया जाएगा।
समाज के लिए चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर छात्र जीवन में बढ़ते मानसिक तनाव और मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता को उजागर किया है।
- Advertisement -








