- Advertisement -
- DIG आवास के पास जीएनएम छात्रा ने की आत्महत्या
भागलपुर | बरारी थाना क्षेत्र के डीआईजी आवास के पास स्थित एक लॉज में जीएनएम की छात्रा ने पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रामाशीष मांझी की पुत्री कंचन कुमारी (22) के रूप में हुई है।
- Advertisement -
घटना का विवरण
कंचन कुमारी अपनी बहन साक्षी के साथ किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

Darbhanga Railway Track Death दरभंगा में दहशत! 7 दिन में रेलवे ट्रैक पर मिली तीसरी लाश, क्या कोई सीरियल किलर है? |दरभंगा- सीतामढ़ी रेल ट्रैक चंदौना हाल्ट पर मिली युवती की लाश!
2 

पटना छात्र प्रदर्शन में ‘असली छात्र नहीं… वे उपद्रवी’! विधानसभा में जोरदार हंगामा! धक्का-मुक्की, सदन स्थगित!
3 

Darbhanga Big Breaking News दरभंगा में भड़का बवाल: छात्रों ने पुलिस पर बरसाए पत्थर, लोहिया चौक बना रणक्षेत्र, DM-SSP मौके पर | देखें PHOTO LIVE
4 

पटना में NEET बवाल पर पुलिस का ‘मास्टरस्ट्रोक’: 500 पर FIR, 40 गिरफ्तार; अब यूट्यूबर भी घेरे में!
5 

जंतर-मंतर की ‘आग’ पहुंची कटिहार-भड़की हिंसा! DM ऑफिस पर छात्रों का बवाल, पुलिस लाठीचार्ज के बाद पत्थरबाजी, CO घायल
6 

NEET पेपर लीक पर CBI का चौंकाने वाला खुलासा: मास्टर माइंड संजीव मुखिया को किया बरी … दे दी क्लीन चिट!
- घटना के समय साक्षी नहाने के लिए गई हुई थी।
- लौटने पर उसने कंचन को फंदे से लटकता पाया।
- साक्षी ने तुरंत मकान मालिक और अन्य लोगों को सूचित किया।
चिकित्सा और पुलिस की कार्रवाई
- कंचन को तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पृष्ठभूमि और संदेह
मृतका पुलिस बल में तैनात कांस्टेबल की बहन थी और भागलपुर के धोरैया थाना क्षेत्र की निवासी थी।
- Advertisement -

- आत्महत्या के कारणों को लेकर परिजन कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
- कंचन ने आत्महत्या क्यों की, इसका स्पष्ट कारण अज्ञात है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कारण या अन्य दबाव थे।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्य जुटाकर सच्चाई का पता लगाया जाएगा।
समाज के लिए चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर छात्र जीवन में बढ़ते मानसिक तनाव और मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता को उजागर किया है।
- Advertisement -









