Bihar BJP: बिहार में भारतीय जनता पार्टी की बक्सर जिला इकाई में बड़ा संगठनात्मक संकट गहरा गया है। यहां पार्टी के कुल 25 मंडलों में से 11 मंडल अध्यक्षों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इन सभी पदाधिकारियों ने बक्सर जिलाध्यक्ष पर तानाशाही और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद अब प्रदेश नेतृत्व की भूमिका बेहद अहम हो गई है।
इस्तीफा देने वाले इन मंडल अध्यक्षों ने 30 जून को ही अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिया था। हालांकि, उस समय बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के चलते इस मामले को सार्वजनिक नहीं किया गया। उपचुनाव खत्म होते ही अब सभी 11 मंडल अध्यक्षों के त्यागपत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है।






जिलाध्यक्ष पर लगे मनमानी और तानाशाही के आरोप
अपने त्यागपत्र में, मंडल अध्यक्षों ने बक्सर के जिला भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश भुवन को सीधे तौर पर इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया है कि:
संगठन में जिलाध्यक्ष द्वारा मनमानी एवं तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
इन आरोपों ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि प्रदेश भाजपा इकाई में भी हलचल मचा दी है। मंडल अध्यक्षों का यह सामूहिक इस्तीफा भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, खासकर जब आगामी चुनावों को लेकर पार्टी अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटी है।
प्रदेश नेतृत्व की ओर टिकी सभी की निगाहें
बक्सर में हुए इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी आलाकमान इस आंतरिक कलह को कैसे सुलझाता है और जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश भुवन के खिलाफ लगे आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। इस घटना से बिहार भाजपा की संगठनात्मक स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसका समाधान पार्टी के लिए प्राथमिकता होगी।








