Bihar Fire Safety: दरभंगा के बिरौल स्थित श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल में लगभग 2000 विद्यार्थियों को अग्निशमन विभाग ने आग से सुरक्षा का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया है। जिला स्तरीय अग्निशमन जागरूकता और मॉक ड्रिल कार्यक्रम के तहत, छात्रों और विद्यालय परिवार को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार के लिए तैयार किया गया। इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में घबराहट से बचते हुए प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देना सिखाना था।
2000 विद्यार्थियों ने सीखा आग बुझाने के तरीके और उपकरण का प्रयोग
इस मॉक ड्रिल के दौरान बिरौल के सहायक उप-मंडलीय अग्निशमन पदाधिकारी संजय कुमार और अग्निशमन दल के सदस्यों ने विद्यार्थियों को आग लगने के संभावित कारणों, ज्वलनशील पदार्थों और अग्नि की तीव्रता के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिसमें अग्निशमन उपकरणों का सही उपयोग भी शामिल था। छात्रों को बताया गया कि कैसे आग लगने की स्थिति में घबराहट और भगदड़ से बचा जाए और भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी श्रीमती प्रिया कुमारी ने मॉक ड्रिल की सफलता पर विद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘आग कभी भी और कहीं भी लग सकती है। ऐसी स्थिति में आतंक, भगदड़ एवं आकस्मिक भय से स्वयं को बचाते हुए दूसरों की मदद करना भी हमारी जिम्मेदारी है।’
आपातकालीन निकासी और प्राथमिक उपचार का दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान अग्नि पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें प्राथमिक उपचार देने का भी गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बिरौल के अनुमंडलीय अग्निशमन पदाधिकारी श्री अरुण कुमार ने जागरूकता का संदेश देते हुए कहा, ‘आग बुझाने से बेहतर है आग की रोकथाम।’ उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे आग से बचाव के उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें। बेनीपुर के अनुमंडलीय अग्निशमन पदाधिकारी श्री सत्यनारायण सिंह ने विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों की विस्तृत जानकारी दी और उनके सही उपयोग का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गणेश चौधरी, प्रबंध निदेशक नवलेश चौधरी, निदेशक बजेश चौधरी और पुरुषोत्तम चौधरी, प्रधानाचार्य अर्चित घोष, प्रधानाध्यापिका प्रियंका राय और समन्वयक दीपक ठाकुर सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे व्यावहारिक जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में सजग, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम का स्पष्ट संदेश था— ‘सतर्कता ही सुरक्षा है, आग से बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है।’








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