Bihar Cabinet: शनिवार को बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और आपातकालीन जरूरतों के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिहार आकस्मिकता निधि की अग्रिम राशि को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये करने पर मुहर लगी। इस फैसले से राज्य किसी भी अप्रत्याशित संकट से निपटने के लिए अब बेहतर ढंग से तैयार रहेगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। राज्य के 11 विभिन्न विभागों को 22 जून, 2024 तक कुल 4850 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि आवंटित की गई है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिल सकेगी।
विकास कार्यों के लिए विभागों को मिली बड़ी राशि
बिहार सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों को आकस्मिकता निधि से अग्रिम राशि जारी कर दी है। इससे कई बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। कुल 11 विभागों को यह राशि आवंटित की गई है, जिनमें से प्रमुख विभागों का विवरण नीचे दिया गया है:
| विभाग का नाम | आवंटित राशि (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| वित्त विभाग | 500 |
| नगर विकास एवं आवास विभाग | 250 |
| ऊर्जा विभाग | 100 |
| ग्रामीण कार्य विभाग | 1000 |
| पथ निर्माण विभाग | 1000 |
| जल संसाधन विभाग | 2000 |
इन आवंटित राशियों का उपयोग संबंधित विभाग अपनी तात्कालिक और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा करने में करेंगे। यह कदम राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और जनहित से जुड़े कार्यों को तेज करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना को भी मिली संजीवनी
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया। इस योजना के लिए 125 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की कुल राशि 300 करोड़ रुपये हो गई है।
यह निर्णय विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में स्थानीय विकास कार्यों को बढ़ावा देने में मदद करेगा, जिससे जमीनी स्तर पर जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यह राशि क्षेत्रों में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण विकास कार्यों जैसे सड़क, नाली, पेयजल और अन्य सामुदायिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में विकास की गति बढ़ेगी और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता भी मजबूत होगी।
आकस्मिकता निधि में हुई इस वृद्धि से बाढ़, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित सहायता उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा। वहीं, विभिन्न विभागों को मिली अग्रिम राशि से लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जा सकेगा, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।







