Bihar Chhath Puja: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर जाले नगर परिषद प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, नगर परिषद क्षेत्र के भीतर सभी 39 तालाबों और उनसे जुड़े छठ घाटों की व्यापक साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। इनमें 34 सरकारी और 5 निजी तालाब शामिल हैं, जो छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

जाले नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुंदरम सानंद ने बताया कि यह सफाई अभियान 23 अक्टूबर से ही गति पकड़ चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी तालाबों और छठ घाटों की साफ-सफाई 14 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान तालाबों के आसपास जमा गंदगी, जलकुंभी और अन्य कचरे को हटाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि छठ व्रतियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
छठ व्रतियों के लिए स्वच्छ घाट, सुरक्षित वातावरण
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छठ महापर्व के दौरान घाटों पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र और स्वच्छ माहौल तैयार करना है। सफाई कार्य में स्थानीय कर्मचारियों के साथ-साथ विशेष टीमों को भी लगाया गया है, ताकि तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य संपन्न हो सके। जलकुंभी का जमाव और कचरे की मौजूदगी अक्सर व्रतियों के लिए परेशानी का सबब बनती है, जिसे इस बार प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है।
कार्यपालक पदाधिकारी सुंदरम सानंद ने कहा, ‘छठ महापर्व बिहार की पहचान है। हमारा प्रयास है कि जाले नगर परिषद क्षेत्र में आने वाले सभी व्रतियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित स्थान मिले, जहां वे पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर सकें। 14 नवंबर तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।’
समय पर सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य
सभापति प्रतिनिधि पवन कुमार मेहता ने भी इस पहल की सराहना की और बताया कि छठ पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। इसे देखते हुए, नगर परिषद प्रशासन समय रहते सभी आवश्यक तैयारियों को पूरा करने में जुटा है। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। बिहार छठ पूजा के लिए यह तैयारी स्थानीय प्रशासन की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
आगामी दिनों में सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित अन्य तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। नगर परिषद का यह कदम सुनिश्चित करेगा कि छठ महापर्व के दौरान जाले के निवासी और बाहर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी बाधा के अपनी आस्था का महापर्व मना सकें।








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