Bihar Abhiyan Basera-2: दरभंगा के दरभंगा जिले में भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत जाले अंचल कार्यालय ने आठ भूमिहीन दलित एवं महादलित परिवारों को जमीन के बंदोबस्ती पर्चे वितरित किए हैं। इस पहल से इन परिवारों को उनका वैधानिक भूमि अधिकार मिल गया है, जिससे उनके स्थायी आवास का सपना पूरा होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
जाले के राढ़ी पश्चिमी पंचायत के लालपुर मौजा में यह वितरण कार्य संपन्न हुआ। अंचल अधिकारी (सीओ) मधुमिता और राजस्व अधिकारी (आरओ) प्रवीण कुमार कर्ण ने लाभार्थियों के बीच दखल-कब्जे के अनुरूप पर्चे सौंपे। यह सरकारी योजना भूमिहीन लोगों को सामाजिक सुरक्षा और एक स्थायी ठिकाना देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।






भूमिहीन परिवारों को मिला वैधानिक अधिकार, सीओ ने बताया उद्देश्य
बंदोबस्ती पर्चा वितरण के दौरान सीओ मधुमिता ने सरकार के लक्ष्य को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य भूमिहीन परिवारों को भूमि का वैधानिक अधिकार प्रदान कर उन्हें स्थायी आवास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी उपलब्ध कराना है। ‘अभियान बसेरा-2’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ऐसे परिवारों को सशक्त कर रहा है।
सरकार का उद्देश्य भूमिहीन परिवारों को भूमि का वैधानिक अधिकार प्रदान कर उन्हें स्थायी आवास एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
पर्चा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में सरिता देवी, सीता देवी, शोभा देवी, रानी देवी, चंद्रकला देवी, ललिया देवी, रेशमी देवी और जयकला देवी शामिल हैं। इन आठों परिवारों को जमीन का पट्टा मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
वर्षों का इंतजार खत्म, लाभार्थियों ने जताया आभार
जमीन का पट्टा मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। कई लाभार्थियों ने बताया कि वे वर्षों से भूमि के अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे थे, जो अब जाकर पूरी हुई है। यह उनके लिए सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है।
वर्षों से भूमि के अधिकार की प्रतीक्षा थी, जो अब पूरी हो गई है।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत भूमिहीन परिवारों को भूमि का वैधानिक स्वामित्व उपलब्ध कराने से उनके स्थायी आवास के सपने को साकार करने में मदद मिल रही है। यह योजना बिहार में भूमिहीनता की समस्या को दूर करने और हाशिए पर पड़े समुदायों को मुख्यधारा में लाने में सहायक सिद्ध हो रही है। आने वाले समय में ऐसे और भी परिवारों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।








