Patna News: छात्र आंदोलन के दौरान हुए एक मामले में जन शक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यादव की गिरफ्तारी के बाद से पटना समेत पूरे बिहार का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। JJD ने इस कार्रवाई को ‘असंवैधानिक’ और ‘अलोकतांत्रिक’ बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने यादव की तत्काल रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। उनके वकील ने सोमवार को अदालत में जमानत याचिका दायर करने की बात कही है।
JJD के बड़े आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध?
JJD के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मिशल सिन्हा ने तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिन्हा के अनुसार, यादव बिहार बंद के दौरान छात्रों की मांगों का शांतिपूर्ण ढंग से समर्थन कर रहे थे, जब शनिवार देर रात उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मुकदमे वापस लेकर गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा नहीं किया, तो पार्टी पूरे राज्य में लोकतांत्रिक और कानूनी आंदोलन शुरू करेगी। सिन्हा ने आगे आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाली आवाजों को दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हर नागरिक और निर्वाचित प्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और खबर लिखे जाने तक राज्य सरकार ने इन दावों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।






“तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है, जिसका जन शक्ति जनता दल पुरजोर विरोध करता है। हम यादव की तत्काल रिहाई और सभी झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग करते हैं।” – मिशल सिन्हा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, JJD
पुलिस ने यादव पर शनिवार को बिहार बंद के दौरान पटना में हुई हिंसा में प्रदर्शनकारियों को उकसाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है। गांधी मैदान थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और देर रात बेउर केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
जेल में तबीयत बिगड़ी, सोमवार को जमानत अर्जी
जेल अधिकारियों के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने सीने में बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें सामान्य बैरक के बजाय जेल अस्पताल के वार्ड में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी निर्धारित चिकित्सा एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। जेल सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने शनिवार रात जेल नियमावली के तहत परोसे गए चूड़ा को खाने से इनकार कर दिया था और रविवार सुबह का नाश्ता भी नहीं किया। हालांकि, शुरुआत में उन्होंने दोपहर का भोजन भी अस्वीकार कर दिया था, लेकिन जेल कर्मचारियों के समझाने के बाद उन्होंने रोटी, चावल और सब्जी का भोजन स्वीकार कर लिया। जेल प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और लगातार चिकित्सा निगरानी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की बात कही है। यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाते हुए प्रक्रियात्मक अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और JJD के आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली जमानत अर्जी पर टिकी हैं, जिससे इस मामले में आगे की दिशा तय होगी। JJD ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है कि यदि उनके नेता को रिहा नहीं किया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे।








