Darbhanga Court: दरभंगा सिविल कोर्ट ने गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर न्यायपालिका का कड़ा रुख साफ कर दिया है। दुष्कर्म, देह व्यापार, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन अपराधों के इन आरोपियों को अब जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। यह फैसला दरभंगा में न्याय के प्रति अदालत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने छूरा दिखाकर दुष्कर्म करने के आरोपी असरफ कुरैशी उर्फ मो. असरफ की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। यह मामला जाले थानाकांड संख्या 102/26 से संबंधित है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि आरोपी असरफ कुरैशी 20 मई 26 से ही काराधीन है, जिसके बाद कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी।






मानव तस्करी और अपहरण के आरोपियों को भी झटका
इसी क्रम में, एडीजे नीरज कुमार की अदालत ने जबरन लड़कियों से देह व्यापार कराने के आरोप में दर्ज बहेड़ी थानाकांड संख्या 370/26 के अभियुक्त राधेश्याम लालदेव और बमबम कुमार की जमानत भी रद्द कर दी। कोर्ट का यह फैसला मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, एडीजे श्री कुमार की कोर्ट ने सदर थानाकांड संख्या 3/26 में अपहरण के आरोपी रौशन कुमार उर्फ रौशन मंडल की नियमित जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया। यह घटना समाज में बढ़ रहे अपहरण के मामलों के खिलाफ न्यायिक सक्रियता का प्रमाण है।
आर्म्स एक्ट के दोषी को भी नहीं मिली राहत
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, एडीजे भूपेन्द्र सिंह की अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज कोतवाली थानाकांड संख्या 70/26 के अभियुक्त रवि कुमार उर्फ रवि गुप्ता की नियमित जमानत अर्जी को भी नामंजूर कर दिया। यह निर्णय अवैध हथियारों के प्रयोग पर लगाम लगाने के लिए कोर्ट की सख्ती को उजागर करता है।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने स्पष्ट किया, “अब जमानत की इच्छा रखने पर सभी अभियुक्तों को हाईकोर्ट में अर्जी लगानी पड़ेगी।”
दरभंगा कोर्ट के इन लगातार फैसलों से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। यह न्यायिक प्रक्रिया अपराधियों में भय पैदा करने और समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होगी, जिससे न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ितों को राहत मिलेगी।








