LNMU Kabaddi Team: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा) की महिला कबड्डी टीम ने एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला कबड्डी प्रतियोगिता में टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की टीम ने लगातार छठी बार अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर लिया है, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है।
टीम के खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के दौरान असाधारण खेल कौशल और अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। उन्होंने लीग चरण के सभी मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए अपनी अजेय बढ़त बनाए रखी। इस प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय परिवार और पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है।
हमारी टीम इस ऐतिहासिक जीत से बेहद उत्साहित है और इसका श्रेय खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं टीम भावना को जाता है। प्रारंभ से ही हमारी रणनीति आक्रामक खेल के साथ-साथ मजबूत डिफेंस पर केंद्रित रही, जिसके फलस्वरूप टीम लीग चरण के सभी मुकाबलों में अपराजित रही और फाइनल तक बेहद दमदार प्रदर्शन करने में सफल रही। यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और लगन का परिणाम है।
– डॉ प्रियंका राय, टोली प्रबंधक, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
लीग मुकाबलों में टीम ने कड़े संघर्ष के बीच अपनी जीत सुनिश्चित की। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय को 35-24 के अंतर से, सी.वी. रमन विश्वविद्यालय को 31-30 के कड़े अंतर से और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ को 43-25 के भारी अंतर से पराजित किया। इस प्रदर्शन के आधार पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की टीम प्रथम स्थान पर रहते हुए चैंपियन बनी।
पूर्वी क्षेत्र प्रतियोगिता: अंतिम रैंकिंग
पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला कबड्डी प्रतियोगिता की अंतिम रैंकिंग इस प्रकार रही:
| स्थान | विश्वविद्यालय | परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा | 3 जीत |
| 2 | अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ | 2 जीत, 1 हार |
| 3 | सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ | 1 जीत |
| 4 | पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ | 0 जीत |
इस जीत ने टीम को अगले स्तर की प्रतियोगिता के लिए आत्मविश्वास दिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक का लक्ष्य
इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) की एडिशनल सेक्रेटरी डॉ ममता अग्रवाल और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति ने विजेता ट्रॉफी प्रदान की। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने टोली प्रबंधक डॉ प्रियंका राय को दूरभाष पर बधाई दी, जिससे पूरी टीम का उत्साह और बढ़ गया।
खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो अजय नाथ झा ने इस उपलब्धि पर कहा कि ‘हमारी बेटियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प से पूरे विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।’ उन्होंने बताया कि निदेशालय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराता रहेगा। आगामी अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता 11 से 14 जनवरी, 2027 तक अलगप्पा विश्वविद्यालय, तमिलनाडु में आयोजित होगी, जिसके लिए अभी से ही पुख्ता योजना और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की तैयारी शुरू हो चुकी है। टीम का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वर्ण पदक जीतना है।
इन खिलाड़ियों ने बढ़ाया विश्वविद्यालय का मान
इस स्वर्णिम सफलता में कई प्रतिभावान खिलाड़ियों का उत्कृष्ट योगदान रहा, जिनमें डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, दरभंगा से निक्की; हिन्दी स्नातकोत्तर विभाग, ल.न.मि.वि., दरभंगा से सरिता; मिल्लत टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मधुबनी से शांभवी झा; जी.डी. कॉलेज, बेगूसराय से रिंसी कुमारी; आर.सी.एस.एस. कॉलेज, बिहट, बेगूसराय से आरती कुमारी; एस.बी.एस.एस. कॉलेज, बेगूसराय से कनिका, अनुष्का, अन्नू, खुशी, भातेरी और रिया; तथा एम. आर. जे. डी. कॉलेज, बेगूसराय से हिमांशी एवं मोनिका शामिल हैं। खेल प्रभारी अमृत कुमार झा ने कहा कि ‘खिलाड़ियों का यह समर्पण और स्वर्णिम प्रदर्शन विश्वविद्यालय के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।’ उन्होंने आगामी प्रतियोगिता के लिए टीम को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस सत्र के पहले स्वर्ण पदक ने पूरे विश्वविद्यालय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के कुशल नेतृत्व और खेल के क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन के कारण विश्वविद्यालय लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है।







