Darbhanga Education: बिरौल, दरभंगा में ग्रामीण शिक्षा को नई दिशा मिली है। ‘सेवा संकल्प, समर्पण महाभियान-2026’ के तहत शुक्रवार को गुरुकुल लाइब्रेरी में सैकड़ों विद्यार्थियों के बीच कॉपी-कलम और दर्जनों पुस्तकें वितरित की गईं। यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है, जिससे उन्हें अपने सपनों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सुपौल बाजार डुमरी रोड स्थित गुरुकुल लाइब्रेरी में आयोजित इस कार्यक्रम में बीजेपी दरभंगा जिला पूर्वी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. राजेश झा ने दर्जनों गांवों से आए छात्रों को शिक्षण सामग्री प्रदान की। उन्होंने लाइब्रेरी को विद्यार्थियों के अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण पुस्तकें भी भेंट कीं। इस लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र एसएससी सीजीएल, बीपीएससी शिक्षक भर्ती, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऐसी अध्ययन सुविधाएं युवाओं को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डॉ. राजेश झा ने इस अवसर पर शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
“शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों के बीच कॉपी-कलम वितरण और लाइब्रेरी को पुस्तकें भेंट करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देना है।”
उन्होंने आगे कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
ग्रामीण युवाओं को मिली प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने की प्रेरणा
बीजेपी दरभंगा पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय पासवान ने गुरुकुल लाइब्रेरी की सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की लाइब्रेरी और बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है।
“शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।”
इस पहल से छात्रों को शहरी क्षेत्रों जैसी सुविधाएं अपने गांव के पास ही मिल पा रही हैं, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त भार के अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
गुरुकुल लाइब्रेरी के संस्थापकों के प्रयासों की सराहना
इस कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल लाइब्रेरी के संस्थापक नटवर चौधरी और केशव चौधरी के प्रयासों की भी विशेष सराहना की गई। सैकड़ों विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस तरह के सामुदायिक प्रयास ग्रामीण बिहार में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यह कार्यक्रम दर्शाता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास हजारों छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। शिक्षा के प्रति यह समर्पण निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।








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