Darbhanga DM: दरभंगा में अब जनता की समस्याओं को लटकाना अधिकारियों के लिए भारी पड़ेगा। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सभी लंबित आवेदनों और विकासात्मक कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर निपटाने का कड़ा निर्देश दिया है। यह बैठक समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में 07 सितंबर 2026 को आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित योजनाओं और जन शिकायतों के निष्पादन में तेजी लाना था।
जन शिकायतें: त्वरित समाधान का निर्देश
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने सबसे पहले माननीय मुख्यमंत्री जी के सहयोग शिविर कार्यक्रम और सहयोग पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की तैयारियों की समीक्षा की। उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी, मानवाधिकार, लोकायुक्त, आरटीपीएस, लोक शिकायत निवारण, सीपीग्राम, ई-कंप्लायंस डैशबोर्ड और राजस्व जन शिकायत सहित विभिन्न मामलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को सहयोग पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता राजस्व को विशेष रूप से राजस्व विभाग से संबंधित लंबित आवेदनों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सभी अधिकारी अपने विभाग से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस निर्देश का सीधा असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जिनकी शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं।
आधारभूत संरचना: गांवों का विकास प्राथमिकता
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से ग्राम पंचायतवार आधारभूत संरचनाओं की आवश्यकता का आकलन करने की जानकारी ली। बैठक में विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन और स्वास्थ्य उप केंद्र जैसी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की स्थिति और आवश्यकता पर गहन चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन आधारभूत संरचनाओं में मरम्मत, सुदृढ़ीकरण अथवा उन्नयन की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाए। वहीं, जहां नवनिर्माण की आवश्यकता है, वहां नियमानुसार प्रस्ताव तैयार किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवनिर्माण से संबंधित किसी भी योजना को चिह्नित करने से पहले आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। भूमि सत्यापन के बिना कोई भी प्रस्ताव तैयार न करने का सख्त निर्देश दिया गया, ताकि भविष्य में योजना क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अगले दो दिनों के अंदर ग्राम पंचायतवार योजनाओं से संबंधित सभी आवश्यक सूचनाएं और विवरण विहित प्रपत्र में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश: सब्जी खरीद से लेकर लोक अदालत तक
बैठक में पंचायत परिसीमन कार्य की भी समीक्षा हुई और संबंधित पदाधिकारियों को 10 सितंबर तक कार्य पूर्ण करने में तेजी लाने का निर्देश मिला। जिलाधिकारी ने प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से सब्जी उत्पादक किसानों से सब्जियों की खरीद और बिक्री की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया, जिसके लिए सब्जी विक्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अंचलाधिकारी को इसके लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने को कहा गया है।
नीलाम पत्रवाद के लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने के लिए सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को 50-50 वादों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कर लोगों को लाभ पहुँचाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नकारात्मक समाचारों के तथ्यात्मक खंडन को ससमय जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक समाहर्ता श्रीमती कल्पना रावत, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री राजेश कुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री सलीम अख्तर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री पवन कुमार और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री आशिष अमन सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।







