Bihar MNREGA: बिहार के दरभंगा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और VB-G RAM G योजना के क्रियान्वयन में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने इन योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानव दिवस सृजन के लंबित लक्ष्य को अगले दो दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए और प्रतिदिन 19,000 मानव दिवस का सृजन सुनिश्चित हो। इसके साथ ही, मनरेगा के तहत हुए कार्यों के लगभग 60 प्रतिशत लंबित भुगतान पर भी उन्होंने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मनरेगा में मानव दिवस सृजन और वृक्षारोपण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने 04 अगस्त को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सभी पंचायतों में मनरेगा के माध्यम से पाँच-पाँच यूनिट वृक्षारोपण कार्य कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित मानव दिवस सृजन लक्ष्य में जो कमी है, उसे आगामी दो दिनों के भीतर पूरा किया जाए। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन 19,000 मानव दिवस का सृजन आवश्यक है। उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल और निदेशक लेखा प्रशासन सहित सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, लेखापाल एवं लेखा सहायक (VB-G RAM G) इस बैठक में मौजूद रहे।






लंबित भुगतान पर डीएम का कड़ा रुख, जांच टीम गठित
समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों का लगभग 60 प्रतिशत भुगतान ही अब तक किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित भुगतानों का तुरंत निष्पादन करते हुए शत-प्रतिशत राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उन्होंने बिरौल एवं गौड़ाबौराम प्रखंड में मनरेगा के तहत निर्मित पशु शेडों की स्थिति की जांच के आदेश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा, ‘योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग कर विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति की जाए।’
जिला स्तरीय जांच टीम इन पशु शेडों की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। जिलाधिकारी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरतें, गुणवत्ता सुनिश्चित करें और समय पर लक्ष्यों को प्राप्त करें। नियमित निगरानी से ही विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति संभव है।








