Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को एटीएम की दीवार पर लिखे फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना महंगा पड़ गया। उसने 50 हजार रुपये गंवा दिए। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और जनता को ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
कैसे हुआ यह एटीएम फ्रॉड?
गोबरसही चौक निवासी रामलखन कुमार गोबरसही चौक स्थित एक एटीएम से पैसे निकालने गए थे। इस दौरान उनका डेबिट कार्ड मशीन में फंस गया। काफी कोशिश के बाद भी जब कार्ड नहीं निकला, तो रामलखन ने एटीएम कक्ष की दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर को बैंक का हेल्पलाइन नंबर समझकर उस पर कॉल कर दिया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और रामलखन को एटीएम मशीन पर ‘कैंसिल’ और ‘एंटर’ बटन दबाने को कहा। हालांकि, इससे भी कार्ड बाहर नहीं आया।






सदर थाना के थानाध्यक्ष नवलश कुमार ने बताया, “मामले की जांच की जा रही है। एटीएम और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।”
जालसाजों ने ऐसे दिया धोखा
जालसाजों ने रामलखन को बताया कि एटीएम ऑपरेटर को भेजा जा रहा है और उन्हें पास की बैंक शाखा में इंतजार करने को कहा। जब रामलखन वहां पहुंचे, तो कोई नहीं मिला। इसी दौरान उन्हें अपने मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे। शिकायत के अनुसार, उनके खाते से 10-10 हजार रुपये के कई ट्रांजेक्शन कर कुल 50 हजार रुपये निकाल लिए गए।
पुलिस जांच में जुटी, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
धोखाधड़ी का पता चलने पर रामलखन कुमार ने तुरंत बैंक को इसकी सूचना दी। बैंक अधिकारियों ने उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी, ताकि रकम वापसी की प्रक्रिया शुरू हो सके। इसके बाद रामलखन ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस को संदेह है कि जालसाजों ने रामलखन को एटीएम से दूर भेजकर उनका डेबिट कार्ड निकाल लिया और फिर उसका इस्तेमाल कर पैसे निकाल लिए।
फर्जी हेल्पलाइन नंबर से रहें सावधान
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे एटीएम की दीवारों या परिसर में लिखे मोबाइल नंबरों पर भरोसा न करें, क्योंकि धोखेबाज अक्सर ग्राहकों को ठगने के लिए ऐसे फर्जी संपर्क विवरण प्रदर्शित करते हैं। एटीएम में किसी भी समस्या की स्थिति में, ग्राहकों को केवल एटीएम पर, डेबिट कार्ड पर या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर छपे आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर ही संपर्क करना चाहिए। यह सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।








