Bihar Cybercrime: बिहार में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका ईजाद किया है। अब वे ठगी की मोटी रकम खपाने के लिए आम लोगों के बैंक खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पटना के एक कारोबारी धीरज कुमार ऐसे ही जालसाजी का शिकार हुए हैं, जिनके बैंक खाते से 48 घंटे के भीतर 1 करोड़ 14 लाख 95 हजार 377 रुपये का भारी-भरकम ट्रांजेक्शन कर लिया गया। यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते खतरे और नए हथकंडों को उजागर करती है।
लोन का झांसा, फिर ऐसे जीता भरोसा
पटना निवासी और एक निजी कंपनी के निदेशक धीरज कुमार को अपने कारोबार के विस्तार के लिए निजी लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात आदिल नामक एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। आदिल ने धीरज कुमार को प्राइवेट लोन दिलाने का पूरा भरोसा दिलाया और उन्हें विश्वास में लेकर कोलकाता बुलाया। कारोबारी आदिल के साथ कोलकाता के एक होटल में ठहरे।






48 घंटे में खाली हो गया खाता, ऐसे हुआ खुलासा
धीरज कुमार के अनुसार, कोलकाता में होटल में ठहरने के दौरान अगली सुबह उनका मोबाइल फोन और बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। आदिल ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई। जब धीरज ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो कुछ दिनों बाद आदिल ने मोबाइल और सिम वापस कर दिया, लेकिन सिम क्षतिग्रस्त था और फोन से कई महत्वपूर्ण मैसेज भी डिलीट हो चुके थे। जब उन्होंने नया सिम जारी कराकर इंटरनेट बैंकिंग में लॉगिन करने की कोशिश की, तो पता चला कि उनका पासवर्ड बदल दिया गया था। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पटना के कारोबारी को 21 और 22 जुलाई के दौरान आईसीआईसीआई बैंक खाते में 1 करोड़ 14 लाख 95 हजार 377 रुपये जमा होने और फिर पूरी राशि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर होने का पता चला। यह पूरी प्रक्रिया महज 48 घंटे में अंजाम दी गई थी।
‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल, पुलिस जांच जारी
कारोबारी धीरज कुमार का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना उनके खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने ‘म्यूल अकाउंट’ के तौर पर किया, जिसमें साइबर ठगी की रकम जमा की गई और फिर उसे आगे ट्रांसफर कर दिया गया। जब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आने लगी, तो आरोपित आदिल चुपचाप वहां से फरार हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर लिया। धीरज कुमार को आशंका है कि उनके खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के लिए किया गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की शिकायत साइबर क्राइम सेल और कोलकाता के कस्बा थाने में दर्ज कराई है। पुलिस इस गंभीर मामले की गहनता से जांच कर रही है।








