Bhagalpur Electricity Department: भागलपुर जिले के भागलपुर जिले के सन्हौला थाना क्षेत्र के कमालपुर में बिजली विभाग की कार्रवाई पर जमकर हंगामा हुआ। एक मिल संचालक के परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बिजली चोरी नहीं होने के बावजूद अधिकारी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और पैसे की मांग कर रहे हैं।
परिजनों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि अधिकारियों ने खुद तार जोड़कर चोरी का मामला बनाया, जबकि बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) आलोक कुमार ने खुद स्वीकार किया है कि जांच में चोरी का कोई स्पष्ट मामला सामने नहीं आया।
बिजली विभाग पर लगे गंभीर आरोप: ‘खुद तार जोड़कर फंसाया’
कमालपुर में संचालित एक मिल पर बिजली विभाग की टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी। मिल संचालक के परिवार की विमला देवी ने बताया कि उनके बेटे का कमालपुर में आइसक्रीम फैक्ट्री का मिल चलता है, जहां आइसक्रीम बाहर से लाकर बेचा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने कथित तौर पर खुद ही तार जोड़कर मिल को चलाया और फिर उन पर बिजली चोरी का आरोप लगा दिया। विमला देवी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई उन्हें जानबूझकर परेशान करने के लिए की जा रही है।
विमला देवी ने आरोप लगाया, “छापेमारी के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने कथित तौर पर स्वयं तार जोड़कर मिल को चलाया और इसके बाद उन लोगों पर बिजली चोरी का आरोप लगाया।”
उन्होंने यह भी बताया कि दो दिन पहले उनके घर पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी और उस समय भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जिसके बाद केस दर्ज किया गया। परिवार का कहना है कि उनकी समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा है, और बार-बार इस तरह की छापेमारी से उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जेई ने खुद नहीं मानी चोरी, फिर भी हंगामा क्यों?
इस पूरे मामले में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) आलोक कुमार का बयान विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि जांच के दौरान मिल में बिजली चोरी का कोई स्पष्ट मामला सामने नहीं आया है और चोरी साबित भी नहीं हुई है। पैसे मांगने के आरोपों पर जेई आलोक कुमार ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत हैं।
जेई आलोक कुमार ने कहा, “जांच के दौरान बिजली चोरी का कोई स्पष्ट मामला सामने नहीं आया है और चोरी साबित भी नहीं हुई है। पैसे लेने या मांगने जैसी कोई बात नहीं हुई है। घरवालों ने बौखलाहट में इस तरह की बात कही है।”
बिजली विभाग की छापेमारी टीम में एसडीओ दीपक कुमार चौधरी, जेई आलोक कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। हालांकि, विभाग की ओर से स्पष्ट रूप से बिजली चोरी की पुष्टि नहीं की गई है, फिर भी मिल संचालक के परिवार को परेशान करने के आरोप गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
सन्हौला पुलिस करेगी मामले की छानबीन, निष्पक्ष जांच की मांग
कार्रवाई के दौरान जब हंगामा बढ़ा, तो सन्हौला थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। विमला देवी ने घोषणा की है कि वह मामले को लेकर सन्हौला थाना में लिखित आवेदन देंगी। सन्हौला थाना प्रभारी रुपेश कुमार ने बताया है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की पूरी जांच की जाएगी।
इस पूरे मामले में अब सन्हौला थाना की पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। विमला देवी ने लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है, जिसके बाद थाना प्रभारी रुपेश कुमार ने जांच का आश्वासन दिया है। यह देखना होगा कि पुलिस की निष्पक्ष जांच से क्या सच्चाई सामने आती है और क्या बिजली विभाग के अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों की पुष्टि हो पाती है।








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