Bhagalpur Gram Panchayat Yojana: बिहार के भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड में ग्रामीण विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी शुरू हो गई है। ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के तहत ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ तैयार करने के लिए मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाओं का चयन करना है, ताकि गांवों में स्थायी विकास और रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
सन्हौला प्रखंड स्थित बी-जी राम-जी कार्यालय परिसर के सभागार में गुरुवार को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार झा ने की। इसमें प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, रोजगार सेवक और अन्य संबंधित कर्मी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को बताया गया कि 2 अक्टूबर को होने वाली ग्रामसभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
मनरेगा के तहत अब गांवों में होंगे और भी कई काम
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार झा ने जानकारी दी कि ‘जी राम जी योजना’ के तहत मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में पहले की तुलना में अधिक प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।
इन नए कार्यों में शामिल हैं:
- कुआं
- किचन शेड
- शौचालय
- खेल मैदान
- आपदा प्रबंधन कार्य
- मिट्टी भराई
- ग्रामीण सड़क
- पुस्तकालय
- विवाह भवन
- पशु चिकित्सा केंद्र
- उप स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी
- श्मशान घाट
- कब्रिस्तान
- गार्डवाल
- सोलर लाइट
- मनरेगा पार्क
- ग्रामीण बस स्टैंड
- सामुदायिक भवन
- पंचायत भवन
- सामुदायिक शौचालय
- पशु शेड
- सरकारी विद्यालयों में छात्रावास
- सामुदायिक शॉप/मार्ट
- मशरूम खेती शेड
- एसएचजी भवन
- बाढ़ सुरक्षा दीवार
- आपदा बाढ़ शेड
संजय कुमार झा ने कहा, ‘योजनाओं का चयन गांव की वास्तविक जरूरतों के आधार पर होना चाहिए। इससे ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।’
2 अक्टूबर की ग्रामसभा में ग्रामीणों की भूमिका अहम
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि 2 अक्टूबर को होने वाली ग्रामसभा में ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों और रोजगार सेवकों को निर्देश दिया गया कि वे ग्रामीणों को जागरूक करें और उन्हें योजना चयन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करें।
‘विकसित भारत-जी राम जी व्यवस्था’ में ग्राम पंचायतों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। इसमें जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका संवर्धन और स्थानीय जरूरतों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जानी है। रोजगार सेवकों को निर्देशित किया गया है कि वे ग्रामीणों की जरूरतों और पंचायत की आवश्यक योजनाओं की जानकारी जुटाकर योजना निर्माण में सहयोग करें। इस दौरान पीटीए अंजय कुमार, अकाउंटेंट देवराज कुमार और रूपेश कुमार झा सहित अन्य अधिकारी व प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।








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