दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। दरभंगा बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव स्व. इंद्र शेखर मिश्रा उर्फ इंदु बाबू की दरभंगा वकालतखाना में भव्य प्रतिमा लगाने की मांग तेज हो गई है। यह लाजिमी और जरूरी भी है कि ऐसे कद्दावर अधिवक्ता,बहुमुखी प्रतिभा के धनी, 2008 से लेकर जीवन के अंत तक बतौर दरभंगा बार एसोसिएशन के महासचिव रहने के साथ एक रिकार्ड बनाने वाले कारण,नियम के अनुसार एक पद पर एक व्यक्ति दो बार ही चुनाव जीत कर पद पर कार्यरत रह सकते हैं, के बीच महासचिव के पद पर लगातार चार बार चुनाव जीतने वाले ऐसे शख्स अब बिरले ही पैदा लेंगे। उनकी साफ-सुथरी और ईमानदार छवि की चर्चा आज हर अधिवक्ता से लेकर आम लोगों के बीच है। तभी तो उनकी छठी पुण्य तिथि पर बुधवार को डरहार गांव में हर आंख स्तब्ध, नम हो उठी। पढ़िए पूरी खबर
अधिवक्ताओं और ग्रामीणों ने इंदु बाबू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इंदु बाबू के भाई जटाशंकर मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उनके कार्यकाल में वकीलों और समाजहित में किए गए कार्यों का स्मरण कर परिवार के सदस्य और वकील भाव विह्वल हो उठे।






भुवनेश्वर मिश्रा ने कहा कि हर दिल अजीज भैया इंदु बाबू आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनका कीर्ति, उनका बेहतर सोच वकीलों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर हमारे बीच आज भी मौजूद हैं । अधिवक्ता राजीव रंजन ठाकुर ने कहा कि इंदु बाबू बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड की नौकरी छोड़कर वकालत पेशा में आए। 2008 से लेकर जीवन के अन्त तक दरभंगा बार एसोसिएशन के महासचिव रहे। पद पर रहते हुए ही उनका आकस्मिक निघन हो जाने के बाद दरभंगा जिला के अधिवक्ता और परिवार एवं गांव के लोग अपने-आप को असहाय मानते हैं।
उन्होंने कहा कि वकालत खाना में इंदु बाबू की प्रतिमा लगनी चाहिए। अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि महासचिव पद पर रहते हुए उन्होंने दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच का गठन, अन्य प्रांतों की भांति ही प्रदेश में भी सिविल रिभीजन का अधिकार जिला जज को देने, रेलवे कोर्ट, विद्यूत कोर्ट, विजिलेंस कोर्ट, न्यायलय भवन के साथ वकालत खाना भवन का निर्माण, नव वकीलों को प्रशिक्षण की व्यवस्था समेत विभिन्न जन हितैषी कार्यो को लेकर हमेशा आंदोलित रहे।
अधिवक्ता भवनाथ मिश्रा ने कहा
कि स्व. इंदु बाबू ने महासचिव के पद पर लगातार चार बार चुनाव जीते। जो अपने-आप में इतिहास है। आज तक ऐसा इतिहास नहीं बना है और न बनेगा क्योंकि नियम के अनुसार एक पद पर एक व्यक्ति दो बार ही चुनाव जीत कर पद पर कार्यरत रह सकते हैं।
अधिवक्ता मनोज कुमार मिश्रा, आयोजित श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय इंदु बाबू के संघर्षशील जीवन पर प्रकाश डाला। मौके पर दरभंगा जिला न्याय मित्र संघ के सचिव प्रमोद कुमार ठाकुर के अलावे उनके परिवार के सदस्य मदन मोहन मिश्र उर्फ छोटू, सुधांशु शेखर उर्फ बाबू, कार्तिक कुमार, रवि प्रकाश, आदित्य कुमार, अभिषेक रंजन मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन इंदु बाबू के बड़े लड़के सुधीर कुमार मिश्र उर्फ ललन जी ने किया।








