Jaale Ganesh Mahotsav: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में गणपति गणेश महोत्सव का उत्साह चरम पर है। बुधवार को प्रसिद्ध गणपति मंदिर परिसर से 151 कुंवारी कन्याओं की भव्य कलश शोभायात्रा के साथ इस तीन दिवसीय उत्सव का शानदार आगाज हुआ। पवित्र जलेश्वरी सरोवर से जल लेकर निकली कन्याओं ने पूरे कस्बे को भक्तिमय बना दिया, जिससे हर ओर गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंज उठे।
भक्ति और उत्साह से भरी कलश शोभायात्रा
जाले में गणपति महोत्सव की शुरुआत अत्यंत मनमोहक तरीके से हुई। 151 कुंवारी कन्याओं ने जलेश्वरी सरोवर से पवित्र जल कलश में भरकर शोभायात्रा में हिस्सा लिया। यह यात्रा थाना मोड़, जाले हाट, ब्रह्मस्थान, पुरानी निर्मल हनुमान मंदिर, गांधी चौक और महावीर बाजार जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए गणपति मंदिर तक पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालु जयकारों के साथ कन्याओं का स्वागत करते रहे।
मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद पंडित मिथिलेश झा और पंडित गुड्डू भट्ट ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गणपति प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा पूजा शुरू करवाई। श्रीश्री 108 गणपति पूजा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अंकित पाठक और सचिव शुभम धीर ने बताया कि अगले तीन दिनों तक सुबह-शाम सामूहिक आरती, भजन संध्या और भगवती जागरण का आयोजन किया जाएगा।
तीन दिनों तक चलेगा महोत्सव, कई स्थानों पर सजे पंडाल
जाले का पूरा क्षेत्र गणपति भक्ति में डूब गया है। मुख्य गणपति मंदिर के अलावा गांधी चौक पर भी कलश शोभायात्रा के बाद पूजा अर्चना शुरू हुई। वहीं, दोघरा के विषहर चौक स्थित नवनिर्मित गणेश मंदिर में भी प्रतिमा स्थापित कर पूजा विधिवत प्रारंभ की गई है। सभी पूजा स्थलों पर आकर्षक मेले भी सजाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यह महोत्सव स्थानीय लोगों के लिए आस्था और मनोरंजन का केंद्र बन गया है।
अगले तीन दिनों तक जाले में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहेगा। सामूहिक आरती, भजन संध्या और भगवती जागरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्म से जोड़ेंगे और पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे।







