बिरौल। प्रखंड क्षेत्र के हरपट्टी गोविंदपुर में दो दर्जन से अधिक भूमिहीनों को भूदान से प्राप्त पर्चा के बाद भी आजतक लगान निर्धारण नहीं किया गया।
अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में अंचल अधिकारी की ओर से भूमिहीनों को दखल दिलाने के बाद उक्त भूमि का लगान निर्धारण करने में अंचल कार्यालय द्वारा आनाकनी की जा रही है। इससे 39 लाभार्थी शारीरिक,आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।






जानकारी के अनुसार गोविंदपुर मे बसे सुल्तान राम, रामशोभीत पासवान, रामजतन पासवान, दुलार चंद्र मुखिया, जटाशंकर मंडल, किशोरी कमती, विन्देश्वर राम, मोहन पासवान, उपेंद्र पासवान, शिवकांत मंडल समेत कुल 39 भूमिहीनों को भूदान से प्राप्त पर्चा के बाद भी दखल कब्जा नहीं दिला गया।
तदोपरांत लाभार्थी जटाशंकर मंडल एवं अन्य ने अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय बिरौल मे इसकी शिकायत किया। परिवादी के पक्ष की ओर से दिये गए प्रमाण की सुनवाई के बाद पीजीआरओ मो.नदीमुल गफार सिद्दीकी ने अंचलाधिकारी बिरौल को नोटिस कर परिवाद का हर हाल में शीघ्र निवारण करने का निर्देश दिया।
तत्पश्चात अंचलाधिकारी ने परिवादी एवं अन्य के द्वारा परिवाद के आलोक में सभी पर्चाधारियों के पर्चा द्वारा प्राप्त भूमि का हल्का कर्मचारी एवं प्रभारी अंचल निरीक्षक की उपस्थिति में अंचल अमीन से मापी कराकर सभी पर्चाधारियों की भूमि को चिन्हित कर दखल कब्जा दिला दिया।
वर्षों बीत जाने के बाद भी अंचल प्रशासन ने इन पर्चाधारियों को लगान निर्धारण नहीं कर सकी। अंचल कार्यालय से वापस लौट रहे पर्चाधारियों मे बच्चा पासवान,सुल्तान राम, जटाशंकर मंडल,विंदेश्वर राम, किशोरी कमती, ने बताया कि लगान निर्धारण के लिए पिछले चार वर्षों से अंचल कार्यालय दौड़ते दौड़ते थक गया हूं, लेकिन अधिकारी से लेकर कर्मचारी कार्य करने के बदले सिर्फ अश्वासन पर अश्वासन देते आ रहे हैं। पर्चाधारियों ने बताया कि अंचल प्रशासन की ओर अगर लगान निर्धारण नहीं किया गया तो अंचल कार्यालय पर अनिश्चिकालीन आमरण अनशन करने के लिए हम लोगों को मजदूर होना पड़ेगा।








