Patna Kanwar Yatra: पटना में सावन कांवर यात्रा की भव्य तैयारी पूरी हो चुकी है, जहां 3 अगस्त को 54 फीट के विशाल कांवर के साथ 500 से अधिक शिवभक्तों की टोली बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। श्री श्री विशाल शिवधारी कांवर संघ द्वारा आयोजित यह सालाना यात्रा बीते 16 वर्षों से बिहार की धार्मिक परंपरा का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। आयोजकों ने बताया कि इस कांवर के निर्माण पर लगभग 5 लाख से 7 लाख रुपये का खर्च आता है, जो हर साल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होता है।
कानवर यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
यह भव्य कांवर यात्रा 3 अगस्त को किला रोड देवी स्थान से शुरू होगी। यह जुलूस मारूफगंज, हाजीगंज, अशोक राजपथ, चौक, मच्छरहट्टा, पश्चिम दरवाजा और बड़ी पटनदेवी मंदिर व शीतला माता मंदिर से होकर गुजरेगा। अगले दिन, 4 अगस्त को, सभी श्रद्धालु सुल्तानगंज के लिए रवाना होंगे।






संघ के अनुसार, 5 अगस्त को सुल्तानगंज में गंगा से पवित्र जल भरा जाएगा। इसके बाद सभी कांवरिया बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए प्रस्थान करेंगे। 7 अगस्त को सुबह 9:30 बजे बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक का कार्यक्रम निर्धारित है। इस वर्ष की यात्रा में जागरण मंडली, हाथी, घोड़े, ऊंट, डीजे और ऑर्केस्ट्रा भी शामिल होंगे, जो यात्रा को और भी आकर्षक बनाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए सुल्तानगंज से देवघर के रास्ते में भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
विनोद कुमार का सपना और यात्रा का विस्तार
श्री श्री विशाल शिवधारी कांवर संघ के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार ने इस यात्रा की शुरुआत के पीछे की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि 2007 के सावन महीने में उन्हें एक सपना आया था। सपने में उन्होंने दर्जनों श्रद्धालुओं के साथ 54 फीट का कांवर लेकर बाबा धाम में जलाभिषेक करते हुए खुद को देखा था। विनोद कुमार 1994 से डाक-बम के रूप में सुल्तानगंज से बाबा धाम की यात्रा कर रहे हैं।
अपने सपने को दोस्तों के साथ साझा करने के बाद, 2008 और 2009 में लगभग 100 श्रद्धालुओं ने इस यात्रा में हिस्सा लिया। धीरे-धीरे इस यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और अब यह 500 से अधिक हो गई है। यह यात्रा अब एक बड़े धार्मिक आयोजन का रूप ले चुकी है।
पटना सिटी की पहचान बना विशाल कांवर
आयोजकों का अनुमान है कि हर साल 54 फीट के इस कांवर को बनाने में 5 लाख से 7 लाख रुपये का खर्च आता है। उनका कहना है कि यह यात्रा सावन के दौरान पटना सिटी के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक बन गई है, जिसे देखने के लिए रास्ते भर बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लोग इस जुलूस को देखने के लिए इकट्ठा होते हैं और सजे-धजे कांवर व झाँकियों को अपने मोबाइल फोन में कैद करते हैं।
यात्रा के दौरान ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहते हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। विनोद कुमार ने दावा किया कि पिछले 16 वर्षों में हजारों भक्तों की मनोकामनाएं इस वार्षिक तीर्थयात्रा से पूरी हुई हैं।
इस आयोजन समिति में संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव संजय साहू, अध्यक्ष निरंजन प्रियदर्शी, कोषाध्यक्ष संजय सरकार और सदस्य अर्जुन यादव, मंटू जायसवाल, भूषण जायसवाल, मिथिलेश कुमार और मुकेश कुमार सहित कई अन्य लोग शामिल हैं।
यह Patna Kanwar Yatra अब केवल एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि पटना सिटी की कांवर यात्रा से जुड़ी एक पहचान बन चुकी है। आगामी दिनों में यह यात्रा और भी अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी और आस्था व भक्ति का यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।








