Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में विकास कार्यों की राशि के बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध के बीच एक बड़ी पहल हुई है। भागलपुर नगर निगम में पार्षदों के धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन के बीच महापौर ने शांतिपूर्ण बातचीत से समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल संवाद के जरिए ही इस समस्या का स्थायी हल निकल सकता है।
महापौर कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उनके अनुसार, विकास योजनाओं की एनआईटी (NIT) पार्षदों की ही मांग पर जारी की गई थी। ऐसे में एनआईटी जारी होने के बाद राशि के बंटवारे पर सवाल उठाना और बिना किसी बातचीत के सीधे अनशन पर बैठ जाना उचित नहीं है।
महापौर का समाधान फॉर्मूला: कैसे खत्म होगा गतिरोध?
महापौर ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए एक ठोस प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी पार्षद आपस में बैठकर उपलब्ध विकास राशि का सर्वसम्मत बंटवारा तय करें। इसके बाद, इसकी एक सूची निगम को सौंपें। महापौर ने आश्वासन दिया कि इसी आधार पर नई एनआईटी जारी की जा सकती है, जिससे सभी पक्षों की सहमति सुनिश्चित होगी।
महापौर ने कहा, ‘धरना-प्रदर्शन किसी समस्या का समाधान नहीं है। पार्षदों की मांग पर ही विकास योजनाओं की एनआईटी जारी की गई थी। एनआईटी जारी होने के बाद राशि के बंटवारे पर सवाल उठाना और बिना बातचीत के अनशन पर बैठना उचित नहीं है।’
पिछड़े वार्डों की अनदेखी नहीं: विकास की समानता पर जोर
विकास में समानता के अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए महापौर ने कहा कि इसका मतलब केवल राशि का बराबर बंटवारा नहीं होता। उनके लिए, धरातल पर विकास कार्यों की वास्तविक समानता अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अति पिछड़े वार्डों में सड़क, नाली और जलजमाव जैसी गंभीर समस्याएं आज भी मौजूद हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। इन बुनियादी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।
महापौर ने धरने पर बैठे सभी पार्षदों से आग्रह किया कि वे आंदोलन समाप्त कर आमने-सामने बैठकर बातचीत करें। उन्होंने जनता के हित में जल्द से जल्द एक प्रभावी समाधान निकालने की अपील की। इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में उप महापौर सहित अन्य कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जो इस पहल का समर्थन करते दिखे। अब देखना यह है कि महापौर की इस अपील पर आंदोलनकारी पार्षदों का क्या रुख रहता है और क्या भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों का रास्ता खुल पाता है।







