Bihar BSSC Paper Leak: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की इंटरस्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के पुराने और बहुचर्चित मामले में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। पटना सिविल कोर्ट स्थित निगरानी की विशेष अदालत ने इस मामले में मौजूद 30 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। इस फैसले से लंबे समय से अटके इस मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा है।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने खुली अदालत में सभी आरोपियों के सामने उन पर लगे आरोपों को पढ़कर सुनाया। इन आरोपों से इनकार करते हुए, आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया। इसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को मामले में गवाह पेश करने का निर्देश दिया है, जिससे आगे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
BSSC पेपर लीक: तत्कालीन सचिव और मास्टरमाइंड भी शामिल
सुनवाई के दौरान अदालत में 30 आरोपी उपस्थित थे, जिनके खिलाफ आरोप तय किए गए। अन्य अनुपस्थित आरोपियों के मामलों को अदालत ने अलग कर दिया है, ताकि कार्यवाही जारी रह सके। आरोप तय किए गए प्रमुख लोगों में आयोग के तत्कालीन सचिव परमेश्वर राम, ओएमआर शीट छापने वाली एजेंसी से जुड़े आनंद प्रीत सिंह बराड़ और इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे आशीष रंजन समेत कई अन्य नाम शामिल हैं।
चार्जशीट में पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार का नाम भी दर्ज है। यह मामला वर्ष 2017 के आसपास का है, जब BSSC इंटरस्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और बड़े पैमाने पर धांधली के गंभीर आरोप लगे थे। इस घटना ने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में लटका दिया था।
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी, अभ्यर्थियों को राहत की उम्मीद
करीब सात साल पुराने इस मामले में आरोप तय होने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। यह फैसला उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए भी राहत लेकर आया है, जो इस घोटाले के कारण प्रभावित हुए थे और न्याय का इंतजार कर रहे थे। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अभियोजन पक्ष अपने गवाहों को अदालत के सामने पेश करेगा।







