Bihar E-Bus: बिहार में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को 27 नई पीएम ई-बसें मिली हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क और मजबूत हुआ है। इन नई बसों के शामिल होने के बाद, बिहार में पीएम ई-बसों की कुल संख्या अब 52 हो गई है।
पहले से ही 25 ई-बसें पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों में सफलतापूर्वक संचालित हो रही थीं। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने घोषणा की है कि इन नई इलेक्ट्रिक बसों को अब पटना शहर से बाहर के प्रमुख रूटों पर भी चलाया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ मिलेगा।
नए रूटों पर मिलेगी यात्रियों को सुविधा
नई ई-बसों के परिचालन से पटना के अलावा मनेर, जानीपुर, हाजीपुर, नौबतपुर, जंदाहा, बिक्रम और जगनपुरा आईएसबीटी जैसे इलाकों में भी यात्रियों को आधुनिक और वातानुकूलित परिवहन की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार को कुल 400 एसी इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से 150 बसें केवल पटना के लिए होंगी, जबकि गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों को 50-50 बसें आवंटित की जाएंगी।
निगम के तय रूट चार्ट के अनुसार, इन बसों को विभिन्न मार्गों पर वितरित किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
| रूट का नाम | बसों की संख्या |
|---|---|
| बिहटा-अम्हारा | 10 |
| दानापुर शिवाला | 10 |
| जानीपुर | 10 |
| पालीगंज | 4 |
| नौबतपुर | 2 |
| मनेर | 2 |
| हाजीपुर-जंदाहा | 2 |
| आईएसबीटी जगनपुरा | 2 |
| बिक्रम | 2 |
यह वितरण सुनिश्चित करेगा कि इन महत्वपूर्ण रूटों पर यात्रियों को नियमित अंतराल पर बसें उपलब्ध हों, जिससे उनके आवागमन में लगने वाला समय और परेशानी कम होगी।
पिंक बसों से महिलाओं को मिलेगी खास सहूलियत
नए बेड़े में 8 पिंक बसें भी शामिल की गई हैं, जो विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेंगी। इन पिंक बसों का परिचालन भी महत्वपूर्ण रूटों पर किया जाएगा।
कारगिल चौक से पालीगंज के लिए 2 पिंक बसें चलेंगी, जबकि दानापुर शिवाला और जानीपुर के लिए 3-3 पिंक बसों का संचालन होगा। यह पहल महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देती है।
इन ई-बसों का परिचालन न केवल परिवहन सुविधा को बेहतर बनाएगा, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा। आने वाले समय में जैसे-जैसे शेष बसें राज्य को मिलेंगी, बिहार के अन्य प्रमुख शहरों में भी इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार होगा, जिससे पूरे राज्य में हरित और आधुनिक परिवहन नेटवर्क स्थापित हो सकेगा।







