Bihar Museum: पटना स्थित बिहार म्यूजियम को वर्ष 2026 में दुनिया के 100 बेहतरीन संग्रहालयों की सूची में 9वां स्थान मिला है। यह बिहार के लिए गर्व की बात है, क्योंकि एशिया में इसे पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
इस बड़ी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सम्मान बिहार के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध कला और अनूठी संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘यह बिहार के गौरवशाली इतिहास, कला और संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हुए इस संग्रहालय की वैश्विक रैंकिंग ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में बिहार म्यूजियम के संग्रह की ऐतिहासिक महत्ता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यहां प्राचीन सभ्यता से जुड़ी वस्तुएं, ऐतिहासिक मूर्तियां, सिक्के, दुर्लभ पांडुलिपियां और लोककला की अनमोल धरोहरों को सहेजकर रखा गया है। यह संग्रहालय बिहार के अतीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी राज्य की समृद्ध संस्कृति से गहराई से परिचित कराता है।
बिहार म्यूजियम: गौरवशाली इतिहास का साकार सपना
राजधानी पटना स्थित यह आधुनिक संग्रहालय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदृष्टि का परिणाम है। बिहार की प्राचीन संस्कृति, उसके गौरवशाली इतिहास और अमूल्य धरोहरों को अंतरराष्ट्रीय फलक पर लाने के उद्देश्य से उन्होंने बिहार संग्रहालय का सपना देखा और उसे साकार भी किया। जुलाई 2011 में बिहार सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण के लिए कनाडा की कंसल्टेंसी ‘लॉर्ड कल्चरल रिसोर्स’ के साथ एक समझौता किया था।
जून 2013 में इसका शिलान्यास किया गया, जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर थे। उसी साल जुलाई में निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसकी देखरेख वे स्वयं करते रहे। दो साल बाद, 8 अगस्त 2015 को इसका एक हिस्सा बनकर तैयार हो गया, जिसका उद्घाटन नीतीश कुमार ने किया। बिहार संग्रहालय का विस्तार कार्य लगातार जारी रहा, और अंततः 2017 में इसे पूरी तरह से राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया। आज इस संग्रहालय को बिहार के गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
पटना म्यूजियम से जुड़ेगा बिहार म्यूजियम, बढ़ेगी सुविधा
नीतीश कुमार ने बिहार म्यूजियम को पटना म्यूजियम से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड टनल के माध्यम से दोनों संग्रहालयों को जोड़ने की परियोजना की शुरुआत भी उन्होंने की। 3 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। बिहार म्यूजियम की इस विश्वस्तरीय रैंकिंग से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है, जो राज्य की समृद्ध विरासत के लिए एक नई पहचान लेकर आई है।
इस बीच, एक अन्य घटनाक्रम में, अनंत सिंह पर एक्शन के बाद ललन सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। यह बैठक लगभग 30 मिनट तक चली, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।








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