Bihar Police Action: बिहार में अपराधियों के खिलाफ बिहार पुलिस ने व्यापक अभियान छेड़ रखा है। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) के सुहिता अनुपम ने आज एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस साल सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन करने वाले 130 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा मानव तस्करी और विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। फरार अपराधियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई तेजी से की जा रही है, जिसके तहत 11 से 20 जुलाई तक 2,125 कुर्की का निष्पादन हुआ है।
बिहार पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई! हथियार लहराने वाले 130 लोग दबोचे, ऐसे कस रही अपराधियों पर नकेल
Bihar Police Action: राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिहार पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा है। सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाले 130 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मानव तस्करी और नशा तस्करी जैसे गंभीर मामलों में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) के सुहिता अनुपम ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में इन कार्रवाइयों का विस्तृत ब्योरा दिया।






सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन पर सख्त कार्रवाई
एडीजी के सुहिता अनुपम ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन कर तस्वीरें डालने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर सोशल मीडिया सेंटर और साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) 24 घंटे सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है। इस वर्ष 1 मई से 14 जुलाई तक ऐसे मामलों में 102 एफआईआर दर्ज की गईं और 130 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 40 हथियार भी जब्त किए गए हैं। इन मामलों में सर्वाधिक कार्रवाई करने वाले जिले पटना, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक के सुहिता अनुपम ने कहा, “सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन कर फोटो डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। राज्यभर में अपराधियों को दबोचने का व्यापक अभियान तेजी पुलिस ने चला रखा है।”
इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक या जातीय टिप्पणी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई हो रही है। आपत्तिजनक पोस्ट या वायरल वीडियो से संबंधित 514 मामले चिन्हित किए गए, जिनमें से 243 पर कार्रवाई हो चुकी है और शेष पर कार्रवाई जारी है।
मानव तस्करी पर ‘ऑपरेशन नया सवेरा-3.0’
एडीजी अनुपम ने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नया सवेरा-3.0’ की जानकारी दी। इस वर्ष 1 से 14 जुलाई के बीच चलाए गए इस अभियान के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गईं और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 82 महिलाओं और 75 पुरुषों सहित कुल 157 पीड़ितों को बचाया गया। सर्वाधिक गिरफ्तारी वाले टॉप-3 जिलों में पटना (40), सहरसा (13) और किशनगंज (9) शामिल हैं। पीड़ितों को बचाने के मामले में किशनगंज (23), सीतामढ़ी (17) और पटना/अरवल/मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त रूप से 14) शीर्ष पर रहे।
कानून-व्यवस्था और नशा मुक्ति के मोर्चे पर भी अभियान
मई-जून महीने में विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मामलों में भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। इसमें सांप्रदायिक हिंसा के 63, पुलिस पर हमला के 462, भीड़ पर हिंसा के 2 और हर्ष फायरिंग के 6 मामलों सहित कुल 533 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। एडीजी ने बताया कि इस वर्ष 11 से 20 जुलाई तक चले विशेष कुर्की अभियान के तहत 2 हजार 125 कुर्की का निष्पादन किया गया है।
नशा मुक्ति अभियान के तहत मई-जून में 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन और 26 हजार 135 किलो गांजा समेत अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय के 2027 तक देश को मादक पदार्थ से मुक्त करने के लक्ष्य के मद्देनजर यह अभियान जारी है। भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधि को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है और इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय सीधे नजर रख रहा है।
युवाओं को कानूनी शिक्षा और चरित्र सत्यापन की ऑनलाइन सुविधा
के सुहिता अनुपम ने बताया कि युवाओं को कानून की जानकारी देने के लिए 21 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘ऑपरेशन विधि पालक युवक’ शुरू किया जा रहा है। इसके तहत ट्रैफिकिंग, दहेज प्रताड़ना, पॉस्को, महिला अपराध और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, 1986 जैसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में शिक्षित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक संस्थानों सहित प्रमुख स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी टीम’ (अभया ब्रिगेड) का गठन किया गया है। युवाओं के चरित्र सत्यापन और प्रमाण-पत्र देने की प्रक्रिया भी अब ऑनलाइन हो गई है, जिसके लिए सीसीटीएनएस को थानों और संबंधित वेबसाइटों से जोड़ा गया है। डायल-112 का रिस्पांस टाइम अब 10 मिनट हो गया है, जिससे अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी। पढ़िए विस्तार से
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन: 130 गिरफ्तार, 40 हथियार जब्त
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर तस्वीरें साझा करने वालों पर बिहार पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर ‘सोशल मीडिया सेंटर’ और ‘साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई (CCSU)’ 24 घंटे सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है। एडीजी अनुपम ने बताया कि 1 मई से 14 जुलाई के बीच हथियार लहराने से जुड़े 102 एफआईआर दर्ज की गईं, जिसमें 130 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और 40 हथियार जब्त किए गए।
सर्वाधिक कार्रवाई करने वाले जिलों में पटना, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी शामिल हैं। इसके साथ ही धार्मिक या जातीय टिप्पणी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई जारी है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या वायरल वीडियो से संबंधित 514 मामले चिन्हित किए गए, जिनमें से 243 पर कार्रवाई हो चुकी है और शेष पर प्रक्रिया चल रही है।
अपर पुलिस महानिदेशक के सुहिता अनुपम ने कहा, “सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन कर फोटो डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है।”
मानव तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन नया सवेरा’: 109 तस्कर दबोचे गए
पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ भी ‘ऑपरेशन नया सवेरा-3.0’ चलाया है। 1 जुलाई से 14 जुलाई के बीच चलाए गए इस ऑपरेशन के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गईं और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 82 महिलाओं और 75 पुरुषों को बचाया गया।
| श्रेणी | जिला | गिरफ्तारी / बचाए गए |
|---|---|---|
| सर्वाधिक मानव तस्कर गिरफ्तारी | पटना | 40 |
| सर्वाधिक मानव तस्कर गिरफ्तारी | सहरसा | 13 |
| सर्वाधिक मानव तस्कर गिरफ्तारी | किशनगंज | 9 |
| सर्वाधिक पीड़ित बचाव | किशनगंज | 23 |
| सर्वाधिक पीड़ित बचाव | सीतामढ़ी | 17 |
| सर्वाधिक पीड़ित बचाव | पटना/अरवल/मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त) | 14 |
मानव तस्करी के खिलाफ इन कार्रवाइयों से पीड़ितों को मुक्ति मिली है और तस्करों पर नकेल कसी गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक ने दी अन्य बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी
एडीजी अनुपम ने विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी। मई-जून महीने में सांप्रदायिक हिंसा के 63, पुलिस पर हमला के 462, भीड़ पर हिंसा के 2 और हर्ष फायरिंग के 6 मामलों सहित कुल 533 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 51,189 साक्षियों को साक्ष्य के लिए उपस्थित किया गया, जिनमें से 49,191 की कोर्ट में गवाही कराई गई, ताकि मुकदमों का तेजी से निपटारा हो सके।
मई-जून में भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मामले को सीधे देख रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए भी अभियान जारी है। केंद्र सरकार ने 2027 तक देश को मादक पदार्थ से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। मई-जून में 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन और 26 हजार 135 किलो गांजा समेत अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। मेडिकल स्टोर और अन्य सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
युवाओं को कानून की जानकारी देने के लिए 21 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘ऑपरेशन विधि पालक युवक’ शुरू किया जा रहा है, जिसमें ट्रैफिकिंग, दहेज प्रताड़ना, पॉस्को, महिला अपराध और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, 1986 जैसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शैक्षणिक संस्थानों सहित प्रमुख स्थानों पर ‘पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड)’ का गठन किया गया है। साथ ही, डायल-112 का रिस्पांस टाइम अब 10 मिनट हो गया है, जिससे अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस के उपयोग हेतु 48 पुलिस बस, 30 चार पहिया वाहन और 6 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर पुलिस बल को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं।








