Darbhanga Crime: बिहार के दरभंगा में अपराधियों का खौफनाक कहर जारी है। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में महज आठ दिनों के भीतर एक जैसी दूसरी वारदात ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। अपराधियों का एक अजीबोगरीब गिरोह महिलाओं और बच्चियों के बाल काटकर घटना को अंजाम दे रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
बाल काटने के बाद लूट की कोशिश, हजारों की चोरी
ताजा घटना बृहस्पतिवार को डरहार गांव में शिक्षक सुमन कुमार चौधरी के घर हुई। बदमाशों ने घर में घुसकर लूट की घटना को अंजाम देने का प्रयास किया। हालांकि, वे गोदरेज की अलमारी खोलने में नाकाम रहे, जिससे बड़ी लूट टल गई। लेकिन, उन्होंने दीवार में लगी दूसरी अलमारी को खोलकर सारा सामान बिखेर दिया और एक हजार रुपये नकदी लेकर फरार हो गए।







इसी कमरे में सोई एक नाबालिग बच्ची का बाल कैंची या चाकू से काट दिया गया। बच्ची को बाल कटने का पता भी नहीं चला, लेकिन जब उसकी नींद खुली तो उसने एक व्यक्ति को सीढ़ी से भागते देखा। बच्ची के अनुसार, अपराधी ने काले कपड़े पहने थे और उसके घुंघराले बाल थे।
निजी स्कूल के शिक्षक सुमन कुमार चौधरी ने बताया, ‘मैं और मेरी पत्नी ऊपर वाले कमरे में सोए हुए थे। मेरी बेटी ने एक अनजान व्यक्ति को सीढ़ी की तरफ भागते देखा तो उसने आवाज लगाई, लेकिन तब तक वह भाग चुका था। घर में कितने लोग घुसे थे, यह पता नहीं चल पाया, लेकिन अनुमान है कि चार-पांच अपराधी थे।’
पुलिस की टीमें सक्रिय, फिर भी नहीं मिली सफलता
घटना की सूचना मिलते ही बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की तहकीकात शुरू की। जांच के लिए डॉग स्क्वायड टीम, टेक्निकल सेल की टीम और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। डॉग स्क्वायड को घटनास्थल पर सुंघाया गया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं, जबकि टेक्निकल सेल की टीम भी जांच में जुटी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी और सदर एसडीपीओ 1 राजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने भी शिक्षक के घर पहुंचकर जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
8 दिन पहले भी हुई थी वैसी ही वारदात, केस अब भी अनसुलझा
यह दूसरी वारदात है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। इससे ठीक आठ दिन पहले, 9 जुलाई की शाम को, इसी गांव के डॉ. पवन मिश्रा के घर डकैतों ने घुसकर 35 हजार रुपये नकद और पांच लाख रुपये के आभूषण लूट लिए थे। उस घटना में भी घर की महिला का बाल काटकर जमीन पर फेंक दिया गया था। दुर्भाग्यवश, डॉ. पवन मिश्रा के घर हुई उस बड़ी डकैती का मामला भी अब तक अनसुलझा है। एक के बाद एक हो रही इन वारदातों से ग्रामीण बेहद भयभीत हैं और स्थानीय पुलिस की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब पिछली घटना का खुलासा नहीं हो पाया तो अपराधियों का दुस्साहस और बढ़ गया है।









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