Bihar Road Project: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार के नौबतपुर से झारखंड सीमा पर स्थित हरिहरगंज तक, जो अरवल और औरंगाबाद से होकर गुजरता है, लगभग 88 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने की मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी Bihar Road Project पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क अभी राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (NH-139) के नाम से जानी जाती है, जिसे पहले स्टेट हाईवे-2 कहा जाता था।
NH-139 बनेगा फोरलेन, बाईपास से मिलेगी भीड़ से मुक्ति
पथ निर्माण विभाग ने इस महत्वपूर्ण सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव अपनी योजना में शामिल किया था। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भी इसे अपनी हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना केवल सड़क चौड़ीकरण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले कई शहरों में भीड़भाड़ से बचने के लिए बाईपास भी बनाए जाएंगे। इससे लंबी दूरी के वाहनों को शहर के बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
- अरवल में 12.3 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने की योजना है।
- दाउदनगर में भी बाईपास का निर्माण होगा।
- औरंगाबाद में वाहनों को सीधा रास्ता मिलेगा, बाईपास की सुविधा होगी।
- ओबरा में भी बाईपास बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
- अंबा में बाईपास का निर्माण यातायात को सुगम बनाएगा।
इन बाईपासों के बनने से शहरों के बीच से गुजरने वाले वाहनों को एक वैकल्पिक और तेज मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे स्थानीय सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है।
औरंगाबाद में फ्लाईओवर और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ
परियोजना में औरंगाबाद में ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) पर एक फ्लाईओवर का निर्माण भी शामिल है। यह फ्लाईओवर लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि उन्हें शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता कम हो जाएगी। बाईपास और फ्लाईओवर के निर्माण से वाहनों की आवाजाही आसान होगी, यात्रा में लगने वाला समय घटेगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार की उम्मीद है।
NH-139 के फोरलेन बनने से अरवल और औरंगाबाद की सड़क कनेक्टिविटी को जबरदस्त मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, यह मार्ग वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता भी बेहतर करेगा। यह सड़क बिहार और झारखंड के बीच आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके माध्यम से झारखंड के पलामू और गढ़वा के अलावा छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की सीमा से आने वाले वाहन भी पटना की ओर आसानी से पहुंच सकेंगे।
बिहार-झारखंड का सफर होगा सुहाना, जानें क्या बदलेगा
फोरलेन सड़क बनने के बाद नौबतपुर से अरवल और औरंगाबाद होते हुए हरिहरगंज तक आने-जाने के लिए अधिक चौड़ा और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। रास्ते में बाईपास और फ्लाईओवर का निर्माण शहरों के अंदर ट्रैफिक के दबाव को कम करने में सहायक होगा। इससे यात्रियों को जाम और भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, परियोजना के तहत निर्माण कार्य शुरू होने और उसके पूरा होने की सटीक तारीख की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल, इस मंजूरी और प्रस्तावित निर्माण कार्यों के आधार पर इस सड़क को बिहार-झारखंड कनेक्टिविटी के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।







