Bihar Durga Puja: आंचल कुमारी दरभंगा। धार्मिक आयोजनों के नाम पर अश्लीलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, यह संदेश बिहार के कमतौल से आया है। दुर्गा पूजा पंडाल में अश्लील गानों पर डांस कराने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सदर-2 कमतौल के एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने तत्काल ऑर्केस्ट्रा बंद करवा दिया और संबंधित पूजा समिति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
शनिवार रात एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन विधि-व्यवस्था का जायजा लेने निकले थे। इसी दौरान, ब्रह्मपुर पूर्वी स्थित एक पूजा पंडाल में ऑर्केस्ट्रा के नाम पर अश्लील गीतों पर डांस चल रहा था। यह देखते ही एसडीपीओ ने मौके पर हस्तक्षेप किया और तुरंत कार्यक्रम को बंद करवा दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा हर हाल में बनाए रखी जानी चाहिए।
धार्मिक आयोजनों के नाम पर अश्लीलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुर्गा पूजा आस्था, श्रद्धा और सामाजिक सद्भाव का पर्व है, इसकी गरिमा बनाए रखना पूजा समितियों की पहली जिम्मेदारी है।
– शुभेन्द्र कुमार सुमन, एसडीपीओ, सदर-2 कमतौल
एसडीपीओ सुमन ने थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी को तत्काल संबंधित पूजा समिति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांतिपूर्ण और मर्यादित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
अश्लीलता पर पुलिस का कड़ा रुख, तुरंत बंद हुआ ऑर्केस्ट्रा
एक ओर जहां पुलिस धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने के लिए सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। रविवार को अहल्यास्थान, कमतौल, लगनमा धाम, रतनपुर, पिंडारुछ और हरिहरपुर सहित विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में माँ दुर्गा के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
महाअष्टमी का दिन सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखता है, जब वे खोइछा भरती हैं। हाथ में हल्दी, अक्षत, पान, सुपाड़ी और सुहाग की सामग्री लिए महिलाओं की लंबी कतारें लगी थीं। माताओं और बहनों ने माँ महागौरी के चरणों में खोइछा अर्पित कर पति की दीर्घायु, संतान सुख और परिवार की मंगलकामना की।
महाअष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, माताओं ने भरा खोइछा
प्रसिद्ध मंदिरों और पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार और ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कई महिलाओं की आंखें खोइछा भरते समय भावुकता से भर आईं। भारी भीड़ को देखते हुए विभिन्न पूजा समितियों और स्वयंसेवकों ने शांतिपूर्ण और सुगम दर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए, ताकि हर श्रद्धालु माँ के दरबार में अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ा सके। पुलिस प्रशासन भी इन आयोजनों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहा।







