Bihar Sand Mining: निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। बिहार में बालू की आपूर्ति को लेकर पिछले चार महीने से चली आ रही बाधा अब दूर होने वाली है। मानसून के कारण बंद रही खनन गतिविधियां 16 अक्टूबर से दोबारा शुरू करने की पूरी तैयारी है। राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, इस बार कुल 212 बालू घाटों पर खनन कार्य होगा।
खनन दोबारा शुरू होने से निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता बढ़ने की प्रबल संभावना है। हालांकि, बाजार में बालू की कीमतों पर इसका कितना असर पड़ता है, यह आपूर्ति, परिवहन और स्थानीय मांग जैसे कारकों पर निर्भर करेगा। मानसून के दौरान पर्यावरणीय और सुरक्षा संबंधी कारणों से राज्य में बालू खनन पर रोक लगाई गई थी। इस अवधि में नए सिरे से खनन की तैयारी, घाटों के संचालन और विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़े आवश्यक काम पूरे किए गए हैं। अब 16 अक्टूबर से खनन फिर से शुरू होने के साथ बालू की आपूर्ति व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
212 बालू घाटों पर खनन, पूरी हुई तैयारी
खान एवं भूतत्व विभाग की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, खनन के लिए चिह्नित 212 घाटों में पीले बालू के घाटों की संख्या सबसे अधिक है। कुल 181 घाटों पर पीले बालू का खनन होगा, जबकि 31 घाट उजले बालू के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन घाटों से निकलने वाला बालू निर्माण क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बिहार में मकान निर्माण से लेकर सड़क, भवन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तक को बालू की उपलब्धता प्रभावित करती है। खनन बंद रहने के दौरान वैध स्रोतों से आपूर्ति सीमित होने पर कई क्षेत्रों में कारोबारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में खनन दोबारा शुरू होने के बाद बाजार तक बालू पहुंचने की प्रक्रिया पर लगातार नजर रहेगी। हालांकि, खनन शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि सभी जिलों में बालू की कीमत तत्काल कम हो जाएगी। घाटों से निकासी, लोडिंग, परिवहन, स्थानीय मांग और वितरण व्यवस्था भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि खनन के बाद बाजार तक नियमित आपूर्ति कितनी तेजी से पहुंचती है।
अवैध खनन पर विभाग की कड़ी कार्रवाई
इस बीच, राज्य सरकार ने अवैध खनन और बालू के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि,
खनिज संसाधनों का संरक्षण, पारदर्शी खनन व्यवस्था और सरकारी राजस्व में वृद्धि विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने वैध खनन को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में 393 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 3,614 वाहन जब्त किए गए। विभाग ने इन मामलों में 52.71 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि से तुलना करें तो कार्रवाई के आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उस अवधि में 333 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और 2,824 वाहन जब्त किए गए थे। जुर्माने के रूप में 39.87 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस तरह एक वर्ष में गिरफ्तारियों की संख्या 60 बढ़ी है, जब्त वाहनों की संख्या में 790 की वृद्धि हुई है, और जुर्माने की वसूली 12.84 करोड़ रुपये अधिक रही है। ये आंकड़े विभाग की ओर से दर्ज कार्रवाई और वसूली की स्थिति बताते हैं।
राजस्व बढ़ाने पर भी सरकार की नजर
बालू घाटों के संचालन के साथ सरकार की नजर राजस्व बढ़ाने पर भी है। विभाग ने पिछले चार महीनों में पहले नीलाम नहीं हो सके 10 बालू घाटों की निविदा प्रक्रिया पूरी की है। इनमें से नौ घाटों पर मार्च 2027 से खनन शुरू होने की संभावना जताई गई है। इन घाटों से सरकार को करीब 76 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है। यह कदम राज्य के राजस्व संग्रह को मजबूती प्रदान करेगा और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।







