Bihar Teacher Recruitment: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 को लेकर जारी सूचना और आवेदन प्रक्रिया में हो रही देरी ने अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच, छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 21 सितंबर तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
21 सितंबर तक आवेदन शुरू करने की मांग: छात्र नेता का अल्टीमेटम
छात्र नेता दिलीप कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बार-बार नोटिफिकेशन में बदलाव कर अभ्यर्थियों को परेशान कर रही है। उनके अनुसार, यह सीधे तौर पर अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर TRE-4 की बहाली के लिए 21 सितंबर से आवेदन शुरू होने की सूचना दी गई थी, लेकिन बिहार लोक सेवा आयोग ने आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना जताई है। इस विरोधाभासी जानकारी के कारण अभ्यर्थियों के बीच स्थिति को लेकर गहरा असमंजस बना हुआ है। उन्होंने सरकार से इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और तय समय पर आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
‘अगर आयोग 21 सितंबर से फॉर्म नहीं भरवाता है, तो सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करेंगे। सरकार बार-बार नोटिफिकेशन में बदलाव कर अभ्यर्थियों को परेशान कर रही है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।’
– दिलीप कुमार, छात्र नेता
सीएम सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी
दिलीप कुमार ने इस बार आंदोलन को केवल शिक्षक भर्ती तक सीमित न रखने की बात कही है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। छात्र नेता ने यह भी दावा किया कि TRE की बहाली को लेकर उनकी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बातचीत हुई थी, जिसमें उनकी मांगों पर सहमति बनी थी और नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश भी दिया गया था। हालांकि, बाद में शिक्षा विभाग ने जारी नोटिफिकेशन को स्थगित कर दिया, जिससे छात्रों में भारी नाराजगी है।
एकल परीक्षा और निगेटिव मार्किंग हटाने सहित ये हैं प्रमुख मांगें
छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा में कई महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- परीक्षा में एकल परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
- निगेटिव मार्किंग को पूरी तरह से खत्म किया जाए।
- परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- शिक्षक भर्ती में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके।
वर्तमान में, TRE-4.0 के तहत बिहार के शिक्षा विभाग में विद्यालय अध्यापकों के कुल 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति की जानी है।
अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी उठाए सवाल
दिलीप कुमार ने शिक्षक भर्ती के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए और सरकार से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने एइडीओ की रद्द हो चुकी परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित करने, दारोगा परीक्षा की जांच कराने, 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर कार्रवाई करने, एक कैंडिडेट-एक रिजल्ट की व्यवस्था लागू करने और इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने की मांग की।
मांगें नहीं मानी गईं तो व्यापक आंदोलन की तैयारी
छात्र नेता दिलीप कुमार ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार इन सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो इस बार आंदोलन व्यापक स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि 21 सितंबर के बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग भी इस बड़े आंदोलन का एक अहम हिस्सा होगी।







