Bhagalpur Flood: बिहार के Bihar में गंगा नदी का उफान भागलपुर जिले के लिए बड़ी आफत बन गया है। जिले की 86 से अधिक पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इस विकट आपदा के समय में, जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं जिला प्रशासन की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है।
राहत कार्यों को तेजी देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के बाद, भागलपुर के जिलाधिकारी के नेतृत्व में सभी प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों में अधिकारी लगातार बाढ़ पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं। इस दौरान, एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सबका ध्यान खींचा है और लोगों को प्रभावित किया है।
ट्रैक्टर से दुर्गम इलाकों तक राहत पहुंचा रहीं अंचलाधिकारी
यह तस्वीर है भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड की अंचलाधिकारी (CO) हर्षा कोमल की। जहां गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां हर्षा कोमल अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ट्रैक्टर चलाकर बाढ़ प्रभावित पंचायतों में पहुंच रही हैं। कमर भर पानी में उतरकर वे बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण कर रही हैं। उनके इस अथक प्रयास से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
शाहकुंड प्रखंड में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली पंचायतों में खुलनी, पैरडो, मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर शामिल हैं। इन सभी पंचायतों के हर एक गांव तक हर्षा कोमल अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पहुंच रही हैं। वे घर-घर जाकर बाढ़ पीड़ितों को लगातार मदद मुहैया करा रही हैं।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उनकी अंचलाधिकारी का यह कार्य बेहद सराहनीय है। आपदा की इस घड़ी में हर्षा कोमल उनके लिए एक फरिश्ता बनकर आई हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तेज हुए राहत कार्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्हीं के मार्गदर्शन में भागलपुर जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। शाहकुंड की अंचलाधिकारी हर्षा कोमल का यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे समर्पण और मानवीय संवेदना के साथ किया गया कार्य बड़ी से बड़ी आपदा में भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उनकी यह पहल अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।







