Tejashwi Yadav: राघोपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को एक अप्रत्याशित घटना का शिकार हो गए। जिस एसडीआरएफ बोट में वे सवार थे, बाढ़ के पानी के बीच अचानक उसकी हवा निकल गई। इस घटना ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया, जिसके बाद तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की बाढ़ राहत व्यवस्था पर तीखा हमला बोला।
महात्मा गांधी सेतु के पाया संख्या-1 के पास से तेजस्वी यादव ने सरायपुर, तेरसिया और राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शुरू किया था। वे एसडीआरएफ की नाव से लोगों की स्थिति देखने निकले थे, तभी बीच बाढ़ में उनकी बोट पंचर हो गई। आनन-फानन में दूसरी नाव मंगवाई गई, जिस पर सवार होकर उन्होंने अपना दौरा जारी रखा।
नाव पंचर होने पर भड़के नेता प्रतिपक्ष
इस घटना के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,
‘जब नेता प्रतिपक्ष जिस एसडीआरएफ की नाव पर बैठे हों, उसी नाव की बाढ़ के बीच हवा निकल जाए, तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों के लिए उपलब्ध नाव और राहत व्यवस्था का क्या हाल होगा।’
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बाढ़ प्रभावितों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है, कई लोगों को अनाज तक नसीब नहीं हो रहा, और नावों की व्यवस्था भी बदहाल है।
बाढ़ राहत कार्यों पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने मांग की कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से ले और राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता केवल फोटो खिंचवाने बाढ़ क्षेत्रों में आते हैं, जबकि वास्तविक पीड़ितों तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंच पा रही है।
यह घटना बिहार में बाढ़ राहत तैयारियों और जमीनी हकीकत को लेकर कई सवाल खड़े करती है। तेजस्वी यादव के इस अनुभव ने राज्य में बाढ़ प्रबंधन की चुनौतियों को फिर से सामने ला दिया है, जिस पर सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।







