Bhagalpur Hospital News: भागलपुर के तिलकामांझी स्थित हीलिंग टच अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि एक दिन के इलाज के लिए सवा दो लाख रुपये वसूलने के बावजूद उन्हें मरीज से मिलने नहीं दिया गया, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने घंटों प्रदर्शन किया। इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया है।
एक दिन में 2.25 लाख का बिल, फिर भी नहीं बची जान: परिजनों का आरोप
जीरो माइल निवासी निर्मल कुमार यादव को बुधवार को बुखार की शिकायत के बाद हीलिंग टच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार शाम करीब पांच बजे तक उनकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन आज सुबह अचानक उनकी मौत की खबर मिली। मौत की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे और निर्मल से मिलने की मांग करने लगे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और अस्पताल के गार्ड ने उन्हें मिलने से रोक दिया और पहले बकाया भुगतान जमा करने को कहा। परिवार का कहना है कि वे इलाज के लिए पहले ही सवा दो लाख रुपये दे चुके थे, इसके बावजूद उनके साथ यह व्यवहार किया गया।
परिजनों का आरोप है कि एक ही दिन के इलाज में अस्पताल को करीब सवा दो लाख रुपये दिए जा चुके थे, इसके बावजूद मरीज की मौत के बाद भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।
अस्पताल प्रबंधन पर मारपीट का आरोप और पुलिस की भूमिका पर सवाल
पैसे देने के बावजूद मरीज से न मिलने देने और मौत की खबर के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने अस्पताल के सामने घंटों हंगामा किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से यह आरोप लगाया गया कि हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल के लोगों और स्टाफ के साथ मारपीट भी की। मारपीट की बात सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में तनाव और बढ़ गया।
दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना था कि डॉक्टर ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हर चीज डॉक्टर के हाथ में नहीं होती। हालांकि, मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप बरकरार रखा है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस अस्पताल के डॉक्टरों का पक्ष ले रही है। इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है।
अब जांच के घेरे में अस्पताल और पुलिस
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्मल कुमार यादव की अचानक मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या वाकई इलाज में लापरवाही बरती गई या मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई? भागलपुर के इस अस्पताल में एक दिन के इलाज के दौरान सवा दो लाख रुपये खर्च होने के बाद भी परिजनों और अस्पताल के बीच विवाद क्यों बढ़ा? और हंगामे के दौरान स्टाफ के साथ मारपीट के आरोपों पर क्या कार्रवाई होगी? इन सभी पहलुओं पर गहन जांच की आवश्यकता है। फिलहाल, इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग सच जानने का इंतजार कर रहे हैं।







