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पटना/गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएएस अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए गुरुवार को पुल निर्माण विभाग के इंजीनियर सुनील कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी पटना और गया में तीन स्थानों पर हुई, जिसमें गया स्थित तथागत होटल भी शामिल है, जिसे सुनील कुमार या उनके किसी रिश्तेदार से जुड़ा बताया जा रहा है।
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पिछले दिनों दर्ज हुआ मामला
- ईडी ने आईएएस संजीव हंस और पूर्व राजद विधायक गुलाब यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ 2,000 पेज की चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में दाखिल की थी।
- हंस पर बिहार सरकार और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान भ्रष्टाचार के जरिए भारी संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
- उनकी पत्नी और कई रिश्तेदारों पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं।
पिछली कार्रवाई का विवरण
- जप्त संपत्ति:
- 90 लाख रुपये नकद।
- 13 किलो चांदी की छड़ें।
- बरामद दस्तावेज:
- बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज।
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य।
विस्तृत जांच का दायरा
ईडी ने बीते महीनों में पटना, पुणे, पंजाब, दिल्ली, नोएडा, कोलकाता, और मुंबई समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी।
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वर्तमान कार्रवाई का मकसद:
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- अवैध संपत्तियों और अघोषित धन से जुड़े नए सबूतों को उजागर करना।
- हंस और उनके नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल।
संजीव हंस का नेटवर्क
- हंस पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बेनामी संपत्ति के जरिए भ्रष्टाचार किया।
- उनके करीबी सहयोगी और राजनीतिक संपर्क जांच के दायरे में हैं।
यह कार्रवाई संकेत देती है कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के सभी पहलुओं की तह तक जाने के लिए व्यापक स्तर पर जांच कर रही है। इस मामले में नए सबूत सामने आने की संभावना है।
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