Bihar Women Safety: बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समस्तीपुर में एक नाबालिग लड़की से हुए यौन शोषण मामले ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस घटना को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ-साथ उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने लोजपा प्रमुख चिराग पासवान और समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी पर तीखा हमला बोला है। दोनों राजद नेताओं ने आरोप लगाया है कि महिला सांसद ने पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज से अभियुक्तों के नाम जानबूझकर हटा दिए।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर शांभवी चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोजपा से समस्तीपुर की युवा सांसद शांभवी चौधरी ने अपने लोकसभा क्षेत्र में नाबालिग से हुए यौन शोषण के मामले में शातिरपन दिखाया। तेजस्वी के अनुसार, शांभवी ने बिहार पुलिस द्वारा अभियुक्तों के नाम सहित जारी प्रेस रिलीज में से अपनी सहूलियत के हिसाब से आरोपियों के नाम काटकर पोस्ट किया। उनका दावा है कि सांसद ने ऐसा इसलिए किया ताकि आरोपियों के नाम और जाति का दूसरों को पता न चल सके, जिससे अभियुक्तों की जाति इनके और इनकी पार्टी प्रमुख चिराग पासवान के राजनीतिक हित साधने में कोई बाधा न बने। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महिला सांसद पीड़ित नाबालिग लड़की का पक्ष लेने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से बदमाशों को बचा रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि शायद शांभवी चौधरी को आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं करने के इस ‘महान कार्य’ के लिए प्रदेश में मंत्री उनके पिता श्री अशोक चौधरी और केंद्र में मंत्री चिराग पासवान सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित भी करें।
तेजस्वी यादव ने कहा, ‘महिला सांसद ने ऐसा जानबूझकर किया है ताकि आरोपियों के नाम और जाति का दूसरों को पता ना लग सके। अभियुक्तों की जाति इनके और इनकी पार्टी प्रमुख चिराग पासवान के राजनीतिक हित साधने में कोई बाधा उत्पन्न ना करे इसलिए सांसद ने दरिंदे गुंडों से सहानुभूति एवं अपमानपन जताते हुए नाम काट दिए। जाहिर है एक महिला सांसद पीड़ित नाबालिग लड़की का पक्ष ना लेकर अप्रत्यक्ष रूप से बदमाशों को बचा रही है।’
समस्तीपुर कांड में चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इनमें राहुल पासवान (पिता अरुण कुमार पासवान), अवधेश पासवान (पिता नेवालाल पासवान), रामबाबू साहनी और विकास शर्मा शामिल हैं।
इसी मामले पर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी चिराग पासवान और उनकी पार्टी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि समस्तीपुर की दरिंदगी की घटना के आरोपियों का चिराग पासवान से क्या कनेक्शन या रिश्तेदारी है? रोहिणी आचार्य ने सत्यापित खबरों का हवाला देते हुए बताया कि समस्तीपुर में युवती के साथ हुई हैवानियत के दो आरोपी राहुल कुमार और अवधेश पासवान, पासवान जाति के हैं। उन्होंने एनडीए के कथन और चलन के नजरिए से देखा जाए तो सवाल उठाया कि क्या अपराधियों का सीधा संबंध चिराग पासवान की ही पार्टी से होगा या फिर वे उनके भाई-रिश्तेदार होंगे?
रोहिणी आचार्य ने ट्वीट किया, ‘सुशासन-महिला सुरक्षा का दावा खोखला, बिहार में बहन-बेटियों की आबरू को तार-तार करने वालों का है बोलबाला… जमुई, दरभंगा और अब समस्तीपुर की बर्बर और हैवानियत भरी ये तमाम घटनाएं यह चीख-चीखकर कह रही हैं कि सम्राट सरकार की सरपरस्ती में बिहार में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है।’
रोहिणी आचार्य ने बिहार में कानून-व्यवस्था की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि जमुई, दरभंगा और समस्तीपुर जैसी घटनाएं ‘सम्राट सरकार’ की सरपरस्ती में कानून-व्यवस्था के जनाजे को दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि आज बिहार में बहन-बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं और अपराधियों के बीच पुलिस प्रशासन का खौफ खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि उनकी ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीतियां और कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा के संदर्भ में किए गए सारे दावे केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार राज्य की बहन-बेटियों को सुरक्षा और न्याय देने में असमर्थ है, तो ऐसी नाकारा सरकार और पंगु पुलिस प्रशासन के रहने का कोई औचित्य नहीं है।
इस पूरे मामले ने बिहार में महिला सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आगामी दिनों में और राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। पढ़िए विस्तार से
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और रोहिणी आचार्य ने समस्तीपुर कांड पर लोजपा प्रमुख चिराग पासवान और सांसद सांभवी चौधरी पर हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने लिखा है, ये हैं लोजपा से समस्तीपुर की महिला और कथित युवा सांसद शांभवी चौधरी, जिसने अपने लोकसभा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से हुए यौन शोषण में शातिरपन और चालाकी का शर्मनाक प्रदर्शन करते हुए अपने फेसबुक पेज पर बिहार पुलिस द्वारा अभियुक्तों के नाम सहित जारी प्रेस रिलीज में से अपनी सहूलियत व सुविधानुसार आरोपियों के नाम काट कर (Crop कर) पोस्ट किया है।
महिला सांसद ने ऐसा जानबुझकर किया है ताकि आरोपियों के नाम और जाति का दूसरों को पता ना लग सके। अभियुक्तों की जाति इनके और इनकी पार्टी प्रमुख चिराग पासवान के राजनीतिक हित साधने में कोई बाधा उत्पन्न ना करे इसलिए सांसद ने दरिंदे गुंडों से सहानुभूति एवं अपमानपन जताते हुए नाम काट दिए।
जाहिर है एक महिला सांसद पीड़ित नाबालिग लड़की का पक्ष ना लेकर अप्रत्यक्ष रूप से बदमाशों को बचा रही है। अब ऐसे में आप क्या कहेंगे? ये सरकार और उसके कर्ता-धर्ता ऐसे ब्लात्कार और अपराध रोकेंगे??
आश्चर्य और बड़ी बात नहीं सांसद शांभवी चौधरी को आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं करने के इस ऐतिहासिक व महान कार्य के लिए प्रदेश में मंत्री उनके पिता श्री अशोक चौधरी तथा केंद्र में मंत्री उनके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग़ पासवान एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित करें।
समस्तीपुर कांड के चारों आरोपियों के नाम:-
1. राहुल पासवान 2. अवधेश पासवान 3. रामबाबू साहनी 4. विकास शर्मा
वहीं रोहिणी आचार्य ने लिखा है समस्तीपुर की दरिंदगी की घटना के आरोपियों का चिराग पासवान से कनेक्शन , रिश्तेदारी है क्या ?
सत्यापित खबरों के मुताबिक समस्तीपुर में युवती के साथ हुई हैवानियत के दो आरोपी – अपराधी ( राहुल कुमार , पिता – अरुण कुमार पासवान और अवधेश पासवान , पिता – नेवालाल पासवान) पासवान जाति के हैं , एनडीए वालों के कथन , चलन एवं थ्योरी के ही नजरिए से देखा जाए तो जरूर अपराधियों का सीधा कनेक्शन चिराग पासवान जी की ही पार्टी से होगा या फिर दोनों चिराग जी के ही भाई – रिश्तेदार होंगे ?
सुशासन – महिला सुरक्षा का दावा खोखला, बिहार में बहन – बेटियों की आबरू को तार – तार करने वालों का है बोलबाला. ..
जमुई , दरभंगा और अब समस्तीपुर की बर्बर और हैवानियत भरी ये तमाम घटनाएं यह चीख-चीखकर कह रही हैं कि सम्राट सरकार की सरपरस्ती में बिहार में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। आज बिहार में बहन – बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं , अपराधियों और मनचलों के बीच पुलिस प्रशासन का खौफ पूरी तरह से खत्म हो चुका है। सरेराह दरिंदगी और वहशत का यह नंगा नाच बिहार के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार और बिहार पुलिस के मुंह पर पुती कालिख के समान है।
मुख्यमंत्री महोदय .. अब आपकी “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीतियां और कानून – व्यवस्था, महिला सुरक्षा के संदर्भ में किए गए सारे दावे केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह गए हैं।
मुख्यमंत्री महोदय .. यदि आप और आपकी सरकार राज्य की बहन – बेटियों को सुरक्षा और न्याय देने में असमर्थ है, तो ऐसी नाकारा सरकार और पंगु पुलिस प्रशासन के रहने का कोई औचित्य नहीं है।
समस्तीपुर कांड: महिला सांसद ने क्यों छिपाए दरिंदों के नाम? तेजस्वी के बड़े खुलासे से बिहार में भूचाल!
Samastipur Incident: समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से हुए यौन शोषण के सनसनीखेज मामले को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस ‘समस्तीपुर कांड’ पर लोजपा सांसद शांभवी चौधरी पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शांभवी चौधरी ने जानबूझकर बिहार पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज से अभियुक्तों के नाम हटा दिए, ताकि उनकी जाति और राजनीतिक संबंध उजागर न हो पाएं।
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लोजपा सांसद शांभवी चौधरी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने अपने लोकसभा क्षेत्र में हुई इस घटना के अभियुक्तों के नाम बिहार पुलिस की प्रेस रिलीज से ‘क्रॉप’ करके पोस्ट किए। तेजस्वी के मुताबिक, महिला सांसद ने ऐसा इसलिए किया ताकि आरोपियों के नाम और जाति का खुलासा न हो सके।
तेजस्वी यादव ने लिखा, ‘ये हैं लोजपा से समस्तीपुर की महिला और कथित युवा सांसद शांभवी चौधरी, जिसने अपने लोकसभा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से हुए यौन शोषण में शातिरपन और चालाकी का शर्मनाक प्रदर्शन करते हुए अपने फेसबुक पेज पर बिहार पुलिस द्वारा अभियुक्तों के नाम सहित जारी प्रेस रिलीज में से अपनी सहूलियत व सुविधानुसार आरोपियों के नाम काट कर (Crop कर) पोस्ट किया है। महिला सांसद ने ऐसा जानबुझकर किया है ताकि आरोपियों के नाम और जाति का दूसरों को पता ना लग सके। अभियुक्तों की जाति इनके और इनकी पार्टी प्रमुख चिराग पासवान के राजनीतिक हित साधने में कोई बाधा उत्पन्न ना करे इसलिए सांसद ने दरिंदे गुंडों से सहानुभूति एवं अपमानपन जताते हुए नाम काट दिए। जाहिर है एक महिला सांसद पीड़ित नाबालिग लड़की का पक्ष ना लेकर अप्रत्यक्ष रूप से बदमाशों को बचा रही है।’
राजद नेता ने इस मामले में चिराग पासवान और शांभवी चौधरी के पिता, राज्य सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि शांभवी चौधरी को इस ‘ऐतिहासिक कार्य’ के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
महिला सुरक्षा पर सम्राट सरकार को घेरा
उधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस घटना को लेकर चिराग पासवान और सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समस्तीपुर की दरिंदगी के आरोपियों का चिराग पासवान से कोई ‘कनेक्शन या रिश्तेदारी’ है। रोहिणी आचार्य ने कहा कि सत्यापित खबरों के अनुसार, समस्तीपुर में युवती के साथ हैवानियत के दो आरोपी राहुल कुमार (पिता – अरुण कुमार पासवान) और अवधेश पासवान (पिता – नेवालाल पासवान) पासवान जाति के हैं। उन्होंने एनडीए के कथन और चलन के आधार पर कहा कि अपराधियों का सीधा संबंध चिराग पासवान की पार्टी से होगा, या वे उनके ‘भाई-रिश्तेदार’ होंगे।
रोहिणी आचार्य ने बिहार में महिला सुरक्षा के दावों को ‘खोखला’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सम्राट सरकार’ की सरपरस्ती में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और बहन-बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
समस्तीपुर कांड के चारों आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- राहुल पासवान
- अवधेश पासवान
- रामबाबू साहनी
- विकास शर्मा
जमुई, दरभंगा और अब समस्तीपुर की बर्बर घटनाओं का जिक्र करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि अपराधियों और मनचलों के बीच पुलिस प्रशासन का खौफ खत्म हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीतियां और महिला सुरक्षा के दावे केवल कागजों और भाषणों तक सीमित रह गए हैं। यदि सरकार राज्य की बहन-बेटियों को सुरक्षा और न्याय देने में असमर्थ है, तो ऐसी ‘नाकारा सरकार’ और ‘पंगु पुलिस प्रशासन’ का कोई औचित्य नहीं है।








You must be logged in to post a comment.