Air India CEO: भारतीय विमानन उद्योग में एक बड़ी हलचल के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि टाटा समूह अपनी फ्लैगशिप एयरलाइन एयर इंडिया के लिए एक नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक की तलाश में जुट गया है। यह कवायद मौजूदा प्रमुख कैंपबेल विल्सन का कार्यकाल अगले साल समाप्त होने से पहले शुरू की गई है, जो एयरलाइन के भविष्य के नेतृत्व को लेकर रणनीतिक तैयारियों को दर्शाता है।
# टाटा समूह की बड़ी तलाश: Air India CEO पद के लिए नए चेहरे की खोज तेज
टाटा समूह, जिसने हाल ही में एयर इंडिया का अधिग्रहण कर इसे नई उड़ान देने का बीड़ा उठाया है, अब अपने शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव की ओर अग्रसर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैंपबेल विल्सन का एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक के तौर पर कार्यकाल अगले वर्ष संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही, समूह अपनी अनुषंगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए भी एक नए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति पर विचार कर रहा है, क्योंकि वहां वर्तमान एमडी आलोक सिंह का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यह बदलाव सिर्फ एक पद तक सीमित नहीं, बल्कि समूह के भीतर व्यापक नेतृत्व परिवर्तन की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
## एयर इंडिया CEO पद पर विल्सन का कार्यकाल और भविष्य की राह
मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि कैंपबेल विल्सन और टाटा समूह दोनों ही 2027 के बाद अनुबंध के नवीनीकरण के इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में, एयर इंडिया के शीर्ष पद के लिए वैश्विक बाजार में उपयुक्त उम्मीदवारों की तलाश एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हालांकि, इस विषय पर टाटा समूह की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि नए प्रमुख के चयन की प्रक्रिया में कम से कम तीन से छह महीने का समय लग सकता है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारु और प्रभावी ढंग से हो, संभवतः मौजूदा और आने वाले प्रमुख कुछ समय तक साथ मिलकर काम कर सकें। इस बीच, एयर इंडिया से जुड़े बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट जून के आसपास आने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विल्सन को जुलाई 2022 में एयर इंडिया का सीईओ और एमडी नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति तब हुई जब मार्च 2022 में टर्किश एयरलाइंस के पूर्व चेयरमैन इल्कर आयसी ने कुछ विवादों के चलते यह पद संभालने से इनकार कर दिया था। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण कर इसे वापस अपने पाले में लिया था, जिसके बाद से एयरलाइन के पुनरुद्धार और विस्तार की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। यह नेतृत्व परिवर्तन उस समय हो रहा है जब एयर इंडिया अपने बेड़े के आधुनिकीकरण और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है।
## एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी नेतृत्व की समीक्षा
केवल एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि इसकी तेजी से उभरती हुई अनुषंगी एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी नेतृत्व की समीक्षा की जा रही है। वर्तमान प्रबंध निदेशक आलोक सिंह का कार्यकाल 2027 में समाप्त होगा और समूह उनके उत्तराधिकारी की तलाश में है। यह दिखाता है कि टाटा समूह अपनी सभी विमानन इकाइयों में दीर्घकालिक और मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। एविएशन सेक्टर में लगातार हो रहे इन नेतृत्व परिवर्तन से कंपनी की रणनीतिक दिशा पर प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य हमेशा प्रदर्शन और दक्षता में सुधार लाना होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एयर इंडिया के लिए यह नया चरण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल ब्रांड की विरासत को आगे बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक विमानन बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करेगा। निवेशकों और यात्रियों दोनों की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि टाटा समूह किसे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुनता है और नए नेतृत्व में एयर इंडिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/business/। यह निर्णय एयर इंडिया के आगामी दशक की सफलता की नींव रखेगा।







