Hindustan Copper Share: हाल के दिनों में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयर ने शेयर बाजार में धूम मचा रखी है। सरकारी स्वामित्व वाली इस कंपनी के शेयरों में महज दो सत्रों में लगभग 15 प्रतिशत की शानदार उछाल दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों का ध्यान इसकी ओर आकर्षित हुआ है। यह उछाल कंपनी के नए रणनीतिक कदमों और वैश्विक धातु बाजार में बढ़ती संभावनाओं से प्रेरित है, जिसने इसके भविष्य के विकास को लेकर उम्मीदें जगाई हैं।
Hindustan Copper Share का जलवा: क्यों उड़ान भर रहे हैं इसके शेयर?
सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयर इन दिनों बाजार में गजब कहर ढा रहे हैं। बीते महज दो सेशन में हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में करीब 15 प्रतिशत तक की तेजी आई है। आज हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयर 9.4 प्रतिशत तक उछल गए, जिससे इसकी कीमत बढ़कर 615 रुपये पर पहुंच गई।
हिंदुस्तान कॉपर और Hindustan Copper Share में उसकी बढ़ती धाक
हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में आई इस तेजी की एक ठोस वजह है। दरअसल, हाल ही में यह मध्य प्रदेश में एक नए कॉपर ब्लॉक के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। कंपनी के इस ऐलान के साथ बढ़ते ग्लोबल मेटल मार्केट के बीच कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बीते 31 अक्टूबर, 2025 को कंपनी ने मध्य प्रदेश सरकार के माइनिंग डिपार्टमेंट द्वारा रखे गए टेंडर प्रोसेस में हिस्सा लिया था ताकि माइनिंग लीज और कम्पोजिट लाइसेंस के लिए इजाजत मिल सके। कंपनी ने बताया कि बागवारी-खिरखोरी कॉपर और उससे जुड़े मिनरल ब्लॉक के लिए फॉरवर्ड ई-ऑक्शन 22 जनवरी, 2026 को सफलतापूर्वक पूरा हो गया और कंपनी को इसी दिन इसकी आधिकारिक मंजूरी भी मिल गई। इससे पहले हिंदुस्तान कॉपर ने झारखंड के घाटशिला इलाके में स्थित केंदडीह कॉपर खदान में अंडरग्राउंड माइनिंग ऑपरेशंस शुरू करने का जिक्र किया था।
क्यों बढ़ रही कॉपर की मांग?
इन सबके चलते हिंदुस्तान कॉपर के शेयर बीते कुछ दिनों से निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचे हुए हैं। बुधवार लगातार तीसरा दिन है, जब इसके शेयरों में तेजी देखी जा रही है। इससे पहले मंगलवार को इसने 5 प्रतिशत की बढ़त हासिल की थी। शुक्रवार को भी BSE पर हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 0.7 प्रतिशत चढ़कर 535.55 रुपये पर बंद हुए, जो पिछले सेशन के 531.80 रुपये से ज्यादा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ग्लोबल मार्केट में कॉपर की लगातार बढ़ती मांग के बीच, इस ब्लॉक के लिए माइनिंग की इजाजत मिलना कच्चे माल के रिसोर्स को सुरक्षित रखने की दिशा में कंपनी के लिए एक रणनीतिक जीत है। पिछले छह महीनों में हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में करीब 139 प्रतिशत की तेजी आई है। सप्लाई की कमी और मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते तांबे की मांग अपने देश में भी बढ़ रही है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
ब्रोकरेज फर्म HDFC सिक्योरिटीज के मुताबिक, भारत में तांबे की मांग 2030 तक बढ़कर 32.4 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है क्योंकि रिन्यूएबल एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में इसकी डिमांड बढ़ती ही जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी भी अपनी माइनिंग कैपेसिटी को बढ़ा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
HDFC सिक्योरिटीज के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 40 लाख टन से वित्त वर्ष 2031 तक 122 लाख टन सालाना माइनिंग कैपेसिटी तक पहुंचने का टारगेट सेट कर रखा है और इसे हासिल करने के लिए कंपनी पुरजोर कोशिश भी कर रही है, इसलिए लॉन्ग-टर्म निवेश के तौर पर हिंदुस्तान कॉपर के शेयर अभी फोकस में बने हुए हैं।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। किसी भी प्लेटफॉर्म की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)







