spot_img

विकसित भारत 2047: भारतीय अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देने की रणनीति

spot_img
- Advertisement -

Indian Economy: मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने एबीपी एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव में भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने जोर दिया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक सुविचारित, दीर्घकालिक और व्यावहारिक रणनीति पर लगातार काम करना नितांत आवश्यक है। हाल के वर्षों में सरकार द्वारा किए गए प्रमुख आर्थिक सुधारों ने व्यापार सुगमता को बढ़ाया है और निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।

- Advertisement -

विकसित भारत 2047: भारतीय अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देने की रणनीति

भारतीय अर्थव्यवस्था: सुधारों से सशक्त भविष्य की ओर

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया कि सरकार ने जीएसटी प्रणाली को सरल बनाने, श्रम कानूनों में बदलाव करने और कर ढांचे को अधिक पारदर्शी बनाने जैसे कई बड़े कदम उठाए हैं। उनका मानना है कि इन सुधारों का प्रभाव धीरे-धीरे और सकारात्मक रूप से सामने आएगा, न कि किसी एक झटके में।

- Advertisement -

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर चीन से तुलना पर नागेश्वरन ने कहा कि भारत की परिस्थितियां चीन से भिन्न हैं। भारत एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है और पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) जैसी योजनाएं मैन्युफैक्चरिंग को एक मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। भारत को चीन के मॉडल का अंधानुकरण करने की बजाय अपनी ताकत के अनुरूप रास्ता बनाना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चल रही अनिश्चितता पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वाणिज्य मंत्रालय ही इस पर अंतिम जानकारी दे सकता है। टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब 25 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, तो उद्योग जगत इसके लिए पहले से तैयार था। उन्होंने वैश्विक व्यापार की जटिलता और प्रत्येक देश द्वारा अपने हितों को प्राथमिकता देने की बात को रेखांकित किया।

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

रुपये की गिरावट और रोजगार सृजन की वास्तविकता

रुपये में गिरावट के मुद्दे पर वी. अनंत नागेश्वरन ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक तथ्य की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि करेंसी को मजबूत करने के लिए आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन भारत का परिदृश्य कुछ अलग है। इतिहास बताता है कि जब किसी देश में बचत (सेविंग्स) और चालू खाता (करेंट अकाउंट) से जुड़ी स्थितियों में बदलाव आता है, तो मुद्रा पर दबाव आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रुपये की कमजोरी को केवल नकारात्मक दृष्टि से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसके पीछे के व्यापक आर्थिक संदर्भ को समझना जरूरी है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के आंकड़ों पर बात करते हुए उन्होंने ‘जॉबलेस ग्रोथ’ जैसी स्थिति से इनकार किया। इसके प्रमाण के तौर पर उन्होंने मनरेगा की मांग में कमी का जिक्र किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अन्य अवसरों की वृद्धि का संकेत है। साथ ही, पिछले दो वर्षों में औपचारिक क्षेत्र में लगभग 1.5 करोड़ नए रोजगार सृजित हुए हैं। उनका मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देकर भारत रोजगार सृजन को और मजबूत कर सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य के संरचनात्मक सुधार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर मुख्य आर्थिक सलाहकार ने एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि AI अभी अपने शुरुआती चरण में है और इसके सकारात्मक-नकारात्मक दोनों पहलुओं पर चर्चा आवश्यक है। कुछ क्षेत्रों में AI रोजगार के लिए चुनौती बन सकता है, लेकिन कंस्ट्रक्शन, प्लंबिंग और मैनुअल स्किल्स जैसे कई क्षेत्रों में इसका कोई विकल्प नहीं है। सरकार खुद AI को लेकर कई पहल कर रही है, लेकिन मुख्य लक्ष्य यह होना चाहिए कि तकनीक मानव श्रम का पूरक बने, न कि उसका प्रतिस्थापन।

भारतीय अर्थव्यवस्था के 4 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंचने और चीन से तुलना पर उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 3.9 ट्रिलियन डॉलर थी। रुपये की कमजोरी ने डॉलर के हिसाब से आंकड़ों पर कुछ असर डाला है। दुनिया तेजी से बदल रही है, और ऐसे में भारत को निवेश, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और संरचनात्मक सुधारों पर अधिक ध्यान देना होगा। उन्होंने विशेष रूप से भूमि और श्रम सुधारों, तथा बिजली उत्पादन और वितरण में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

अंत में, वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए केवल आर्थिक नीतियां ही पर्याप्त नहीं होंगी। युवा आबादी के शारीरिक और कौशल विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। मजबूत युवा शक्ति, स्थिर नीतियां, निरंतर सुधार और वैश्विक बदलावों के अनुरूप रणनीति—यही वो आधार हैं जिन पर भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना साकार कर सकता है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

बड़ी खबर: पटना में 30,000 से अधिक लोगों की चिंता खत्म! CM Samrat ने PMC नोटिस पर उठाया बड़ा कदम

Patna News: पटना में आवासीय संपत्तियों से व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों को पटना नगर निगम के नोटिस से बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस समस्या के समा#PatnaNews,#SamratChoudhary,#BiharUrbanDevelopment

भागलपुर में बड़ा एक्शन: मुजफ्फरपुर से आया तस्कर, बोलेरो लेकर भागा, पीछे पड़ी पुलिस, 382 लीटर शराब के साथ पकड़ा गया तस्कर, ऐसे हुआ...

Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस ने गौराडीह थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान एक बोलेरो से 382 लीटर से अधिक विदेशी शराब जब्त की है। पुलिस ने मुजफ्फरपुर के एक तस्कर शिव कुमार को#BhagalpurNews,#BiharLiquorBan,#PoliceAction

Madhubani Crime हथियारों के साथ पकड़ा गया शख्स: मधुबनी में पुलिस ने ऐसे धर दबोचा! देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

Madhubani Crime News: मधुबनी पुलिस ने पंडौल थाना क्षेत्र के लोहट चौक से एक व्यक्ति को अवैध देसी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी श्रवण कुमार यादव भागने का प्#MadhubaniCrimeNews,#BiharPolice,#ArmsAct

Madhubani Crime मधुबनी में 1.40 लाख की लूट का चौंकाने वाला खुलासा, स्टाफ ही निकला मास्टरमाइंड!

Madhubani Crime News: मधुबनी पुलिस ने लखनौर में 1.40 लाख की झूठी लूट का पर्दाफाश किया है। बिस्कुट व्यापारी के स्टाफ मो. अमजद ने अपने साथियों संग मिलकर यह साजिश रची थी। पुलिस ने त्वरि#MadhubaniCrime,#BiharPolice,#FakeRobberyExposed