Indian Economy: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों के ताजा अनुमानों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर पेश की है, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर अग्रसर है। आर्थिक सुधारों और मजबूत घरेलू मांग के दम पर भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
भारतीय अर्थव्यवस्था: क्या भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती शक्ति बन रहा है?
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और भविष्य के आकलन
एक ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने हाल ही में अनुमान लगाया है कि कारोबारी साल 2027 (FY27) में भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी। फर्म ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि 6.8 प्रतिशत रहेगी, जो वित्त वर्ष 2026 के 7.3 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ी कम है। यह पूर्वानुमान भारत की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव को दर्शाता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फर्म का कहना है कि मांग को बढ़ावा देने वाली नीतियों में निर्णायक बदलाव से विकास को मजबूती मिलेगी।
वर्ष 2025 में, भारत सरकार ने आयकर में राहत प्रदान की, वस्तु एवं सेवा कर (GST) को और अधिक सरल बनाया, बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया, और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने खपत को समर्थन देने के लिए रेपो दर में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की। इन नीतिगत बदलावों ने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साल 2021 में भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मुकाम हासिल किया था। तब से लेकर अब तक भारत की रफ्तार लगातार बनी हुई है। पिछले 25 सालों में भारत की औसत वृद्धि दर (6.4 प्रतिशत) चीन (8.0 प्रतिशत) से कम रही है, लेकिन हाल के वर्षों में यह प्रवृत्ति बदली है। इसी का परिणाम है कि पिछले साल भारत ने जापान को भी पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त कर लिया। यह दर्शाता है कि भारत की आर्थिक गति अब वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना रही है।
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प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों के ताजा अनुमान
बीते शुक्रवार को एक प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कारोबारी साल 2026-27 में भारत की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर लगभग 11 प्रतिशत और वास्तविक वृद्धि दर करीब 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाला समय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर साबित होगा। सरकार द्वारा किए गए नीतिगत बदलाव और लोगों की बेहतर व महंगे उत्पादों को खरीदने की बढ़ती आदतें इस सकारात्मक बदलाव में सहायक हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, इस दौरान वैश्विक मंदी और भू-राजनीतिक परिस्थितियां भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं। एक अन्य रेटिंग एजेंसी इंडियन रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने मंगलवार को अनुमान लगाया कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह वित्त वर्ष 2026 के लिए अनुमानित 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर से थोड़ी कम है। इन अनुमानों से स्पष्ट होता है कि जहां एक ओर भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, वहीं बाहरी कारकों पर भी कड़ी निगरानी रखना आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







