Land Records: अब देश में जमीन से जुड़े कागजात और प्रॉपर्टी लोन की जानकारी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ग्रामीण मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, देश के 19 राज्यों में नागरिक अब घर बैठे ही कानूनी रूप से मान्य ऑनलाइन Land Records डाउनलोड कर सकेंगे। यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को एक नई गति प्रदान कर रहा है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
Land Records का डिजिटलीकरण: एक बड़ा बदलाव
ग्रामीण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के 97% से अधिक गांवों में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल हो चुके हैं। इसके साथ ही, 97% भूमि नक्शे भी कंप्यूटर पर उपलब्ध कराए गए हैं, जो पारदर्शिता और पहुंच सुनिश्चित करते हैं। यह डिजिटलीकरण प्रक्रिया न केवल समय बचाएगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाने में सहायक सिद्ध होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
लगभग 85% गांवों में लिखित रिकॉर्ड को नक्शों से सफलतापूर्वक जोड़ा गया है, जिससे जमीन के स्वामित्व और सीमाओं को लेकर होने वाले विवादों में कमी आने की उम्मीद है। इस प्रक्रिया को और गति देने के लिए, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 1,050 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है।
प्रॉपर्टी लेनदेन में सरलता और सुरक्षा
सरकार ने जमीन की पहचान के लिए 14 अंकों का विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (ULPIN) भी शुरू किया है, जिसे ‘भूमि आधार’ के नाम से भी जाना जाता है। यह अद्वितीय संख्या हर जमीन के टुकड़े को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होती है और लेनदेन में पारदर्शिता आती है। नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (NGDRS) ने प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री और ऋण प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। यह प्रणाली वर्तमान में 17 राज्यों में लागू है, और इसके माध्यम से 406 जिलों में बैंक ऑनलाइन बंधक सत्यापन (mortgage verification) कर सकते हैं, जिससे ऋण प्राप्त करना पहले से कहीं अधिक सुलभ हो गया है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
इस व्यापक डिजिटलीकरण का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। अब उन्हें अपनी जमीन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों में कमी आएगी और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संपत्ति प्रबंधन में क्रांति ला रही है।







